धरसींवा में IDBI बैंक गबन मामले में बड़ी राहत, विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से 10 पीड़ित परिवारों को लौटाए गए 47 लाख रुपये

धरसींवा की आईडीबीआई बैंक शाखा में करीब 1.50 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में 10 प्रभावित परिवारों को धनतेरस पर लगभग 47 लाख रुपये वापस मिले। विधायक अनुज शर्मा के लगातार प्रयासों के बाद बैंक प्रबंधन ने शेष राशि दो किस्तों में लौटाने का लिखित आश्वासन दिया है। मामले में दो बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।

Nov 7, 2026 - 07:53
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धरसींवा में IDBI बैंक गबन मामले में बड़ी राहत, विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से 10 पीड़ित परिवारों को लौटाए गए 47 लाख रुपये

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गबन मामले में पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। धनतेरस के अवसर पर बैंक प्रबंधन ने 10 प्रभावित परिवारों को लगभग 47 लाख रुपये की राशि वापस की है। स्थानीय विधायक अनुज शर्मा के लगातार प्रयासों और बैंक प्रबंधन के साथ हुई बैठकों के बाद यह राशि लौटाई गई। वहीं, शेष प्रभावित हितग्राहियों की रकम दो किस्तों में वापस करने का लिखित आश्वासन भी बैंक प्रबंधन द्वारा दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, करीब दस महीने पहले धरसींवा स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में लगभग एक करोड़ पचास लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया था। आरोप है कि बैंक के दो कर्मचारियों ने 29 ग्राहकों के खातों से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम निकाल ली थी। इस घटना से प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। कई ग्राहकों की जीवनभर की जमा पूंजी इस मामले में फंस गई थी, जिसके कारण उन्हें अपनी रकम वापस पाने के लिए लगातार प्रयास करने पड़े।

मामला सामने आने के बाद विधायक अनुज शर्मा ने पीड़ित परिवारों की समस्याओं को लेकर बैंक प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने प्रभावित ग्राहकों की रकम वापस दिलाने की मांग को लगातार उठाया। इस मामले में करीब छह महीने पहले आरोपी दोनों बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी प्रभावित ग्राहकों की राशि वापस दिलाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

विधायक अनुज शर्मा ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों और पत्राचार के माध्यम से प्रभावित ग्राहकों की रकम लौटाने की मांग जारी रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रखना बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है। लंबे प्रयासों के बाद धनतेरस के अवसर पर 10 प्रभावित परिवारों को लगभग 47 लाख रुपये लौटाए गए। बैंक प्रबंधन ने शेष राशि भी दो किस्तों में वापस करने का लिखित आश्वासन दिया है।

धनतेरस पर अपनी जमा पूंजी वापस मिलने से प्रभावित परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक, कुछ हितग्राहियों ने विधायक अनुज शर्मा को मिठाई खिलाकर उनका आभार व्यक्त किया। लंबे समय से अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह राहत महत्वपूर्ण साबित हुई।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि गरीब परिवारों की मेहनत से अर्जित कमाई का एक-एक रुपया उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है और जब तक सभी प्रभावित परिवारों को उनकी राशि वापस नहीं मिल जाती, तब तक प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने 10 परिवारों को मिली राहत को धनतेरस का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

आईडीबीआई बैंक के सीनियर रीजनल हेड आशीष त्रिपाठी के अनुसार, बैंक प्रबंधन ग्राहकों के हितों और उनकी जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने धरसींवा शाखा में हुई घटना को खेदजनक बताते हुए कहा कि प्रभावित हितग्राहियों को राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शेष राशि दो किस्तों में लौटाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत किए जाने की बात कही गई है।

फिलहाल 10 परिवारों को मिली राहत के बाद अन्य प्रभावित ग्राहकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बैंक प्रबंधन अपने लिखित आश्वासन के अनुसार शेष राशि कितनी जल्दी वापस करता है। सभी प्रभावित हितग्राहियों को उनकी पूरी रकम मिलने के बाद ही इस मामले में आर्थिक राहत की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।