कोंडागांव में बैंकर्स प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, स्व सहायता समूहों को ऋण और बैंकिंग सुविधाओं की दी गई जानकारी
कोंडागांव जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई की अध्यक्षता में बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें स्व सहायता समूहों को ऋण प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन, बैंक लिंकेज, बीमा, पेंशन, मुद्रा लोन और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर लखपति दीदी बनाने के लिए बैंकर्स से सहयोग का आग्रह किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l ग्रामीण क्षेत्रों में स्व सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने, ऋण उपलब्ध कराने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत कोंडागांव के सभाकक्ष में बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई ने की।
कार्यशाला में नेशनल रिसोर्स पर्सन, एनआईआरडी (एमओआरडी) गगन बिहारी भुइयां और राज्य कार्यालय के मास्टर ट्रेनर नंदलाल पाण्डेय ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान बैंकिंग प्रक्रियाओं और ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
बैंक अधिकारियों और मिशन कर्मियों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी बैंक शाखा प्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एफआई), सभी जनपद पंचायतों के विकासखंड परियोजना प्रबंधक, एफआई नोडल, क्षेत्रीय समन्वयक, बैंक सखी और प्रत्येक क्लस्टर से दो-दो एफएलसीआरपी उपस्थित रहे।
स्व सहायता समूहों को ऋण प्रक्रिया की दी जानकारी
कार्यशाला में स्व सहायता समूहों को ऋण प्रदान करने की प्रक्रिया और ऑनलाइन ऋण आवेदन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही सामुदायिक आधारित ऋण वापसी तंत्र (सीबीआरएन) समिति के गठन और कार्यप्रणाली, रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ), बैंक लिंकेज, बीमा, पेंशन और मुद्रा लोन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
समूहों के दोहरी प्रमाणीकरण और बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) सखी की भूमिका पर भी चर्चा की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का बेहतर विस्तार हो सके।
बीसी सखी के माध्यम से गांवों तक पहुंचेगी डिजिटल बैंकिंग
कार्यशाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता पर बैंक प्रबंधकों के साथ चर्चा की गई। बीसी सखी के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर घर पहुंच डिजिटल बैंकिंग और लेनदेन की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षकों ने बीसी सखियों को बेहतर कार्य करने और ग्रामीण परिवारों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
महिलाओं को लखपति दीदी बनाने पर जोर
कार्यशाला में बैंक प्रबंधकों से आग्रह किया गया कि वे स्व सहायता समूहों की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और बैंक लिंकेज के माध्यम से आवश्यक ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग करें। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
साथ ही महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के माध्यम से लखपति दीदी बनने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला को ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार, स्व सहायता समूहों की आर्थिक मजबूती और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।