पखांजूर महाविद्यालय में जनभागीदारी शुल्क बढ़ाने का विरोध, एनएसयूआई ने दी आंदोलन की चेतावनी

पखांजूर के शासकीय वीर गैंदसिंह महाविद्यालय में जनभागीदारी शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रबंधन और जनभागीदारी समिति को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शुल्क में कमी की मांग करते हुए 4 जुलाई तक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन और महाविद्यालय घेराव की चेतावनी दी है।

Jul 2, 2026 - 17:47
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पखांजूर महाविद्यालय में जनभागीदारी शुल्क बढ़ाने का विरोध, एनएसयूआई ने दी आंदोलन की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजुर l शासकीय वीर गैंदसिंह महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जनभागीदारी शुल्क बढ़ाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शुल्क वृद्धि का विरोध करते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने महाविद्यालय प्रबंधन और जनभागीदारी समिति को ज्ञापन सौंपकर शुल्क में तत्काल कमी की मांग की है।

एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष शुभाशिष साना के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि महाविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में जनभागीदारी शुल्क में बढ़ोतरी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।

ज्ञापन में कहा गया है कि बढ़े हुए शुल्क के कारण कई विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। संगठन का मानना है कि उच्च शिक्षा सभी छात्रों की पहुंच में होनी चाहिए और शुल्क निर्धारण ऐसा होना चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रशासन से जनभागीदारी शुल्क की तत्काल समीक्षा कर उसे कम करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और किसी भी प्रकार के शुल्क निर्धारण से पहले छात्र प्रतिनिधियों से चर्चा करने की भी मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय उनकी सहभागिता के बिना नहीं लिए जाने चाहिए।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 4 जुलाई 2026 तक शुल्क में कमी को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो छात्र हित में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत महाविद्यालय का घेराव भी किया जाएगा। एनएसयूआई ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन और जनभागीदारी समिति की होगी।

महाविद्यालय में शुल्क वृद्धि को लेकर छात्रों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। कई विद्यार्थियों का मानना है कि बढ़ी हुई फीस का असर उनकी पढ़ाई और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, इस संबंध में महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब छात्रों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शुल्क को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो महाविद्यालय परिसर में छात्र आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है। मामले के समाधान के लिए छात्र संगठन ने प्रशासन से संवाद के माध्यम से सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।