रेंगाखार जलाशय से वनांचल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा—उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया भूमिपूजन
कवर्धा के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम रेंगाखार में 2 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाले रेंगाखार जलाशय और सीसी नहर लाइनिंग कार्य का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूमिपूजन किया। परियोजना से 264 हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य क्षेत्र ग्राम रेंगाखार में विकास का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज रेंगाखार कला में 2 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाले रेंगाखार जलाशय शीर्ष निर्माण एवं सीसी नहर लाइनिंग कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना से न केवल इलाके के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि क्षेत्र में विकास और आजीविका के नए रास्ते भी खुलेंगे। भूमिपूजन के दौरान ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की भारी उपस्थिति यह बताती है कि यह परियोजना इस वनांचल क्षेत्र के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जलाशय परियोजना क्षेत्र की 264 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई उपलब्ध कराएगी, जिससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सीधा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि राज्य की विष्णुदेव सरकार का उद्देश्य केवल ढांचागत निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसे दीर्घकालिक और प्रभावी कार्य करना है, जिनसे वनांचल, आदिवासी और ग्रामीण किसानों के जीवन में स्थायी बदलाव आ सके।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रेंगाखार जलाशय का निर्माण वनांचल के विकास का प्रतीक है। यह परियोजना यह दर्शाती है कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूर्ण संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान तक सिंचाई सुविधा पहुंचे, हर गांव में समृद्धि आए और वनांचल के विकास को उच्च प्राथमिकता मिले।
उप मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि शासन-प्रशासन उनकी हर समस्या में साथ खड़ा है और विकास की प्रक्रिया में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगामी समय में रेंगाखार क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में और भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी जाएगी, जिससे कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
किसानों ने इस परियोजना को अपने जीवन का बड़ा बदलाव बताया और कहा कि बरसों से प्रतीक्षित यह जलाशय अब साकार रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश पर निर्भर खेती ने वर्षों तक उन्हें अनिश्चितता में रखा, लेकिन अब स्थायी सिंचाई मिलने से खेत हरे-भरे रहेंगे और बेहतर फसलें सुरक्षित रूप से तैयार हो सकेंगी। ग्रामीणों ने कहा कि यह परियोजना केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि उनके परिवारों की खुशहाली का मार्ग है।
रेंगाखार जलाशय परियोजना आने वाले समय में जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और ग्रामीण कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसका प्रभाव न सिर्फ रेंगाखार में बल्कि आसपास के पूरे वनांचल क्षेत्र में दिखाई देगा और यह परियोजना क्षेत्रीय विकास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जाएगी।