साइबर अपराध के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान, 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशव्यापी कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराध के प्रति आमजनों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान चलाया जाएगा। अभियान की मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” है, जिसके माध्यम से जनभागीदारी और सोशल मीडिया के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा।

Aug 14, 2026 - 17:40
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साइबर अपराध के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान, 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशव्यापी कार्यक्रम

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l प्रदेशवासियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर से शुरू होने वाला यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने और छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध से सुरक्षित बनाने की दिशा में अभिनव पहल है। अभियान को देश के अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी सोशल मीडिया अभियानों में शामिल करने के उद्देश्य से इसकी मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” रखी गई है।

अभियान के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी लिंक अथवा क्यूआर कोड को स्कैन कर नागरिक जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी सेल्फी ले सकेंगे। इसके बाद वे अपनी सेल्फी को सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। इससे साइबर अपराध के प्रति जागरूकता का संदेश उनके मित्रों, फॉलोअर्स और अन्य लोगों तक पहुंचेगा। अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया की पहुंच का उपयोग करते हुए अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराध के विरुद्ध मजबूत वातावरण तैयार करना है।

“साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा किया गया। रायगढ़ जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी ने प्रेस वार्ता के दौरान अभियान की लिंक और क्यूआर कोड जारी कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने जिलावासियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स और कलाकारों सहित सभी नागरिकों से अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की।

अनिल कुमार सोनी ने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों नागरिक एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के विरुद्ध भी सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने नागरिकों से “साइबर जागृति अभियान” के लिए जागरूकता की सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने और साइबर अपराध की रोकथाम में रायगढ़ जिला पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया।

अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह में अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहले सप्ताह में स्कूल और कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता तथा बुनियादी सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। दूसरे सप्ताह में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी तथा यूपीआई सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के विषय पर टाउन हॉल आयोजित किए जाएंगे।

चौथे सप्ताह में महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी तथा सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पांचवें सप्ताह में रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव के संबंध में जानकारी दी जाएगी। छठे सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की सीमाओं पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। सातवें सप्ताह में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अभियान आयोजित किया जाएगा।

अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के दिन किया जाएगा। जिला पुलिस टीमों और स्थानीय थानों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्कों तथा बाजारों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से क्यूआर कोड का प्रचार किया जाएगा। राज्य पुलिस एवं जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी अभियान की लिंक साझा कर नागरिकों को सेल्फी लेने और सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य सामूहिक प्रयासों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल समाज और साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाना है।