बसना और पिथौरा में शांतिपूर्ण माहौल में निकला मोहर्रम का ताजिया, बारिश के बीच अकीदतमंदों ने निभाई परंपरा
महासमुंद जिले के बसना और पिथौरा में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। दोनों स्थानों पर पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। पिथौरा में लाखागढ़ से ताजिया निकलने के कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई, लेकिन अकीदतमंदों का उत्साह बना रहा।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l महासमुंद जिले के बसना और पिथौरा क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, आस्था और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। दोनों नगरों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली।
बसना में मोहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से निकाला गया। जुलूस में शामिल लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए शोक और श्रद्धा के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। नगर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने ताजियों का स्वागत किया और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इसी प्रकार पिथौरा में भी मोहर्रम का ताजिया जुलूस लाखागढ़ क्षेत्र से निकाला गया। जुलूस शुरू होने के कुछ समय बाद अचानक बारिश शुरू हो गई। हालांकि मौसम की इस बाधा के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने पूरे अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया। बारिश के बीच भी ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ता रहा।
मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, सत्य और इंसानियत की रक्षा का संदेश देने वाला पर्व माना जाता है। इस अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए लोगों ने उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा जुलूस के मार्गों पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन और आयोजन समितियों के समन्वय से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने भी धार्मिक आयोजन में सहयोग करते हुए भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का परिचय दिया। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
बारिश के बावजूद बसना और पिथौरा में मोहर्रम का आयोजन पूरी गरिमा और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने शांति, सद्भाव और आपसी एकता बनाए रखने का संदेश देते हुए आयोजन को सफल बनाया। प्रशासन ने भी सभी नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी तरह सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।