नशे में धुत रेंजर पर अभद्रता का आरोप, बस रोककर किया हंगामा; वीडियो वायरल
गरियाबंद जिले में ध्रुवागुड़ी वन परिक्षेत्र में पदस्थ एक रेंजर का कथित तौर पर नशे की हालत में यात्री बस रोककर हंगामा और अभद्र व्यवहार करने का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि रेंजर ने बस चालक और पुलिसकर्मियों के साथ भी गाली-गलौज की। मामले की जांच और विभागीय कार्रवाई की मांग उठ रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. गरियाबंद जिले में वन विभाग के एक रेंजर का कथित तौर पर नशे की हालत में सड़क पर हंगामा करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में एक व्यक्ति, जिसकी पहचान ध्रुवागुड़ी वन विभाग में पदस्थ रेंजर सुशील सागर के रूप में बताई जा रही है, कथित तौर पर यात्री बस रोककर चालक से अभद्र व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई, जहां रेंजर ने अपनी निजी कार सड़क पर रोक दी। बताया जा रहा है कि सड़क सिंगल लेन होने के कारण यात्री बस चालक वाहन को साइड नहीं दे सका। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद रेंजर ने बस को काफी देर तक रोककर चालक के साथ गाली-गलौज की और हंगामा किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। बस में सवार यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जांच चौकी में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में अनुचित व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभाग और पुलिस की ओर से मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों, वायरल वीडियो और शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग की ओर से भी मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।