बड़ी खबर: गुरु बालदास के बड़े बेटे और मंत्री खुशवंत साहब के भाई ढाल दास ने थामा कांग्रेस का हाथ

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे और मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई ढाल दास कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में उनका कांग्रेस में स्वागत किया गया। उनके राजनीतिक कदम के बाद प्रदेश में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Sep 11, 2026 - 14:10
 0  3
बड़ी खबर: गुरु बालदास के बड़े बेटे और मंत्री खुशवंत साहब के भाई ढाल दास ने थामा कांग्रेस का हाथ

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े पुत्र और मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। रायपुर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में ढाल दास कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। ढाल दास के कांग्रेस प्रवेश के बाद प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को उनके परिवार की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। गुरु बालदास का सतनामी समाज में प्रभाव माना जाता है, जबकि उनके बेटे खुशवंत साहब वर्तमान भाजपा सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में परिवार के वरिष्ठ सदस्य ढाल दास का कांग्रेस में शामिल होना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। उनके इस फैसले को लेकर आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर संभावित प्रभाव को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

गुरु बालदास का परिवार छत्तीसगढ़ के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गुरु परिवार का संबंध बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा और भंडारपुरी धाम से बताया जाता है। सतनामी समाज के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में इस परिवार की सक्रिय भूमिका रही है। गुरु बालदास के चार बेटे ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास हैं। इनमें ढाल दास सबसे बड़े हैं। परिवार में एक बेटी भी है।

गुरु परिवार में ढाल दास को बड़े भाई के रूप में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। सामाजिक स्तर पर उन्हें परिवार के वरिष्ठ सदस्य और मार्गदर्शक के तौर पर देखा जाता है। सतनामी समाज से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में गुरु परिवार की मौजूदगी रहती है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में भी परिवार के सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं।

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर पार्टी से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। कांग्रेस में प्रवेश के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। खासतौर पर उनके छोटे भाई खुशवंत साहब के भाजपा सरकार में मंत्री होने के कारण यह घटनाक्रम और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के राजनीतिक असर का आकलन आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।

राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में सामाजिक प्रभाव रखने वाले परिवारों से जुड़े नेताओं और प्रमुख व्यक्तियों की राजनीतिक सक्रियता का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद सतनामी समाज और प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चाएं होना स्वाभाविक है। कांग्रेस के लिए भी उनका पार्टी में आना सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में इस घटनाक्रम को लेकर प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। उनके इस फैसले से आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। वहीं भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।