आमाबेड़ा घटनाक्रम पर भीम आर्मी का स्पष्टीकरण, 8 सवालों के जवाब की मांग को लेकर प्रेस वार्ता, चेतावनी—न्याय नहीं मिला तो होगा उग्र आंदोलन

कांकेर जिले के आमाबेड़ा घटनाक्रम को लेकर भीम आर्मी ने प्रेस वार्ता कर न्यूज चैनल और कुछ संगठनों पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया। संगठन ने 8 अहम सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब की मांग की है। भीम आर्मी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

Dec 28, 2025 - 11:25
Dec 28, 2025 - 11:25
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आमाबेड़ा घटनाक्रम पर भीम आर्मी का स्पष्टीकरण, 8 सवालों के जवाब की मांग को लेकर प्रेस वार्ता, चेतावनी—न्याय नहीं मिला तो होगा उग्र आंदोलन

 UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | कांकेर आमाबेड़ा (कांकेर) में घटित घटनाक्रम को लेकर भीम आर्मी ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। संगठन ने कुछ न्यूज चैनलों, राजनीतिक प्रवक्ताओं और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आमाबेड़ा की घटना को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ा। भीम आर्मी ने इस पूरे मामले में 8 महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

प्रेस वार्ता में भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि आमाबेड़ा घटना में सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पीड़ित परिवार का वास्तविक बयान क्या है और घटना का सही क्रम क्या रहा। संगठन का कहना है कि कफन-दफन की प्रक्रिया परिजनों और समाज की सहमति से पूरी हो चुकी थी, इसके बावजूद बाद में विवाद खड़ा किया गया, जो कई संदेह पैदा करता है।

भीम आर्मी ने सवाल उठाया कि पुलिस की मौजूदगी में सामाजिक तनाव फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि ऐसे तत्वों की पहचान मौके पर ही संभव थी। संगठन ने राष्ट्रबोध न्यूज़ चैनल के एंकर पवन केसवानी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि उन्होंने किस आधार पर भीम आर्मी के खिलाफ बयान दिया और बिना जांच संगठन को बदनाम करने का प्रयास क्यों किया गया।

प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि भीम आर्मी जैसे संवैधानिक संगठन पर “अर्बन नक्सल” जैसे गंभीर आरोप लगाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि पत्रकारिता की मर्यादा के भी खिलाफ है। संगठन ने बीजेपी प्रवक्ता द्वारा दिए गए बयान के तथ्यात्मक आधार पर भी सवाल खड़े किए।

भीम आर्मी ने सर्व समाज, चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स और प्रगतिशील सतनामी समाज की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। संगठन का कहना है कि आमाबेड़ा की घटना पर तो तीखी प्रतिक्रिया दी गई, लेकिन अन्य गंभीर सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर इन संगठनों की चुप्पी समझ से परे है

अंत में भीम आर्मी ने कहा कि इन सभी घटनाओं से संविधान द्वारा प्रदत्त समानता और धार्मिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। संगठन ने प्रशासन और संबंधित पक्षों से मांग की कि निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो भीम आर्मी लोकतांत्रिक तरीके से लेकिन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।