छद्म रूप से मतांतरण की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना हर देशभक्त का कर्तव्य – प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

जांजगीर-चाम्पा जिले के चाम्पा नगर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में 210 धर्मांतरित लोगों की विधिवत घर-वापसी कराई गई। कार्यक्रम में घर-वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए मतांतरण की गतिविधियों पर चिंता जताई।

Jan 25, 2026 - 11:13
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छद्म रूप से मतांतरण की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना हर देशभक्त का कर्तव्य – प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

UNITED NEWS OF ASIA.हसिब अख्तर,रायपुर | जांजगीर-चाम्पा। बी  को जिला जांजगीर-चाम्पा के चाम्पा नगर में नगरवासियों एवं धर्म जागरण समन्वय विभाग के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में घर-वापसी प्रमुख  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अध्यक्ष के रूप में सहभागिता की। सम्मेलन के दौरान सनातन संस्कृति से भटके 210 धर्मांतरित बंधुओं को विधिवत धार्मिक संस्कारों के साथ सम्मानपूर्वक पुनः अपने सनातनी मूल से जोड़ा गया।

कार्यक्रम में पाद प्रक्षालन, वैदिक मंत्रोच्चारण और शुद्धिकरण संस्कार के माध्यम से घर-वापसी कराई गई। यह दृश्य सनातन धर्म की करुणा, समरसता एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का जीवंत उदाहरण बना। बड़ी संख्या में उपस्थित सनातनी समाज ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि
“छद्म रूप से हो रहे मतांतरण केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियां हैं। इन्हें रोकना हर एक देशभक्त नागरिक का कर्तव्य है।”
उन्होंने कहा कि यह आयोजन मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन धर्म के पुनर्जागरण का सतत संकल्प है। उन्होंने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के जीवन और संघर्षों को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से घर-वापसी अभियान निरंतर, निर्भीक और प्रतिबद्ध भाव से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू समाज की एकता, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए यह अभियान भविष्य में और अधिक व्यापक स्वरूप में संचालित किया जाएगा, ताकि समाज का अंतिम व्यक्ति भी अपने मूल संस्कारों से जुड़ सके।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह  चंद्रशेखर देवांगन, ज्योतिष रत्न पं. पी. एस. त्रिपाठी, काली उपासक स्वामी सुरेंद्र नाथ, प्रांत प्रमुख धर्मजागरण  राजकुमार चंद्र, घर-वापसी प्रांत संयोजिका अंजू गबेल, चाम्पा के राजा कुँवर विरेन्द्र बहादुर सिंह सहित अनेक संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृ शक्ति टीम एवं बड़ी संख्या में सनातनी क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, धर्म और समाज की एकता एवं अखंडता के संकल्प के साथ किया गया।