उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह का छिंदवाड़ा में गौ आधारित जैविक कृषक राहुल वसूले के SRJ Farms का भ्रमण

छिंदवाड़ा में उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने गौ आधारित जैविक कृषक श्री राहुल कुमार वसूले के SRJ Farms का भ्रमण किया। इस दौरान जैविक खेती, जैविक उत्पादों की बाजार उपलब्धता और जैविक हाट में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

Jan 25, 2026 - 10:58
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उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह का छिंदवाड़ा में गौ आधारित जैविक कृषक राहुल वसूले के SRJ Farms का भ्रमण

 UNITED NEWS OF ASIA.वीरेन्द्र यादव, छिंदवाड़ा। जिले में गौ आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उपसंचालक कृषि  जितेंद्र सिंह ने गौ आधारित जैविक कृषक  राहुल कुमार वसूले के SRJ Farms का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पूज्य पिताजी के साथ खेत का निरीक्षण कर जैविक खेती की कार्यप्रणाली, उत्पादन व्यवस्था एवं प्रबंधन को नजदीक से देखा।

भ्रमण के दौरान गौ आधारित जैविक खेती से उत्पादित फसलों एवं सब्जियों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता तथा जैविक बाजार में उनकी निरंतर और नियमित उपलब्धता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपसंचालक कृषि ने जैविक खेती के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण में इसके योगदान की सराहना की।

इस दौरान प्रत्येक शनिवार को गुरईया सब्जी मंडी, छिंदवाड़ा में आयोजित होने वाले जैविक हाट में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि जैविक हाट के माध्यम से किसानों को अपनी उपज का सीधा बाजार मिलता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और किसानों को उचित मूल्य प्राप्त होता है।

उपसंचालक कृषि  जितेंद्र सिंह ने कहा कि गौ आधारित जैविक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि आम नागरिकों को विषमुक्त एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक सशक्त विकल्प है। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और स्थानीय बाजारों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

गौ आधारित जैविक कृषक  राहुल कुमार वसूले ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती से लागत में कमी आई है और उपभोक्ताओं में जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और किसानों के बीच समन्वय बना रहे, तो जैविक खेती को एक सशक्त आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।

यह भ्रमण छिंदवाड़ा जिले में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।