एसआईआर में दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाई जाए – दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धान कटाई के समय किसानों के लिए एक माह की समयावधि अपर्याप्त है, इसे कम से कम तीन माह किया जाना चाहिए ताकि कोई मतदाता वंचित न रहे।

Nov 7, 2025 - 11:42
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एसआईआर में दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाई जाए – दीपक बैज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) में दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आयोग ने केवल एक माह का समय निर्धारित किया है जो कि किसानों और ग्रामीण जनता के लिए अपर्याप्त है।

दीपक बैज ने कहा कि इस समय राज्य में धान कटाई का सीजन चल रहा है और इसके बाद किसान धान विक्रय के लिए सोसायटियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहां विधानसभा चुनावों के लिए अब भी तीन साल का समय शेष है, वहां इतनी जल्दबाजी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि दस्तावेज जमा करने की समय सीमा कम से कम तीन माह तक बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो सके।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि आयोग द्वारा स्कूली शिक्षकों को बीएलओ का दायित्व सौंपा गया है, जिन पर पहले से ही शिक्षण कार्य का दबाव है। परीक्षा काल के दौरान उन्हें दोहरा दायित्व निभाना पड़ रहा है, जिससे एक माह में कार्य पूर्ण कर पाना व्यावहारिक नहीं है।

दीपक बैज ने यह भी मांग की कि बीएलओ जब मतदाता के घर जाएं तो उनसे हस्ताक्षर या प्रमाण पत्र प्राप्त करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सत्यापन सही तरीके से हुआ है और किसी भी प्रकार की फर्जी पुनरीक्षण प्रक्रिया न हो।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की। उनका कहना है कि आयोग को मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के संशोधन से पहले सभी पक्षों से चर्चा की जा सके।

दीपक बैज ने कहा कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले आयोग को यह प्रमाणित करना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में अपात्र है, न कि मतदाता को खुद अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़े। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना होना चाहिए, न कि नाम काटने की होड़ में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना।