गढ़चिरौली मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, भाजपा नेताओं की भूमिका पर उठाए सवाल

गढ़चिरौली में कथित नक्सली बैनर लगाए जाने के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय ले रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं की कथित संलिप्तता के मामले सामने आ रहे हैं।

Jul 30, 2026 - 12:52
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गढ़चिरौली मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, भाजपा नेताओं की भूमिका पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l गढ़चिरौली में कथित रूप से नक्सली बैनर लगाए जाने के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि एक ओर सरकार नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय ले रही है, जबकि दूसरी ओर भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कथित नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामलों के आरोप सामने आ रहे हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में सुरेंद्र वर्मा ने दावा किया कि कांकेर लोकसभा क्षेत्र के बांदे मंडल से जुड़े एक भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति ग्रामीणों को कथित रूप से नक्सलियों के नाम पर डराकर वसूली करता था तथा खनन कंपनियों, पोकलेन मशीन संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से कथित वसूली के उद्देश्य से नक्सली बैनर लगाने का षड्यंत्र रचा गया।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति की भाजपा के जनप्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें सार्वजनिक हैं। पार्टी ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि इसमें किन-किन लोगों की कथित भूमिका रही है और यदि कोई दोषी है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सुरेंद्र वर्मा ने अपने बयान में पूर्व के एक कथित लेवी वसूली प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि पहले भी तेंदूपत्ता ठेकेदार से कथित वसूली के मामले सामने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन मामलों में भी कुछ लोगों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस ने पूर्व में लगाए गए आरोपों और प्रेस वार्ताओं का हवाला देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

कांग्रेस का कहना है कि नक्सलवाद से जुड़े मामलों में किसी भी व्यक्ति के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए और यदि किसी भी राजनीतिक दल या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक संरक्षण या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले के तथ्यों को सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।