टीजी मोहनदास के बयान पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा से माफी की मांग

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरएसएस नेता टीजी मोहनदास के कथित बयान की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा से देश की महिलाओं से माफी मांगने की मांग की है। कांग्रेस ने बयान को महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 12:48
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टीजी मोहनदास के बयान पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा से माफी की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस ने आरएसएस नेता टीजी मोहनदास के कथित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं और छात्राओं के संबंध में दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के लिए भाजपा को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।

वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि यह केवल किसी एक व्यक्ति की व्यक्तिगत सोच नहीं है, बल्कि आरएसएस और भाजपा की कथित विचारधारा को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भी भाजपा और आरएसएस से जुड़े कई नेताओं द्वारा महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिए जाते रहे हैं, जिनकी आलोचना होती रही है।

प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने टीजी मोहनदास के कथित बयानों का उल्लेख करते हुए उन्हें महिलाओं और आंदोलनकारियों के प्रति अपमानजनक और हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया। वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं तथा समाज में गलत संदेश देते हैं।

कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और हिंसा की मानसिकता का किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

वंदना राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं के मुद्दों पर संवेदनशीलता नहीं दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्राओं और महिलाओं के संबंध में दिए गए कथित बयान गंभीर हैं और इन पर भाजपा को अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और इस पूरे मामले में जिम्मेदार पक्षों को जवाब देना चाहिए। पार्टी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।