Narayanpur News : महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

नारायणपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 की जानकारी दी गई। महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं को कानूनी प्रावधानों और शिकायत प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

Jan 19, 2026 - 19:46
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Narayanpur News : महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर द्वारा शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं वीरांगना रमोतीन माडिया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय नारायणपुर के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. एस. आर. कुंजाम की अध्यक्षता में मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने, पाश एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं को जागरूक करना रहा। इस दौरान पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से अधिनियम से जुड़ी कानूनी जानकारियां दी गईं।

मुख्य अतिथि वक्ता सनातन मेरसा ने विधि जागरूकता के अंतर्गत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पोक्सो), बाल श्रम अधिनियम, बाल विवाह निषेध एवं बालिका शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में किरण नेलवाल चतुर्वेदी ने आंतरिक शिकायत समिति की संरचना, कार्यप्रणाली एवं शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में छात्राओं एवं उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी। वहीं तरन्नुम एवं पुष्पा बंजारे ने सखी वन स्टॉप सेंटर की विभिन्न योजनाओं एवं पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सहायता सेवाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार राव, सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) द्वारा किया गया तथा अंत में महाविद्यालय की डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने आभार प्रदर्शन किया।

इस कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।