बस्तर पंडुम 2026 के रंग में रंगा विकासखंड नारायणपुर, बेनूर में दिखी आदिवासी कला और परंपरा की भव्य झलक
नारायणपुर विकासखंड के बेनूर में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 में आदिवासी लोककला, संस्कृति और परंपराओं की भव्य प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। यह आयोजन लोकसंस्कृति के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन का सशक्त मंच बनकर उभरा।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से विकासखंड नारायणपुर के बेनूर में बस्तर पंडुम 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इससे पूर्व ग्राम ओरछा में 15 जनवरी को भी बस्तर पंडुम का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी कला और संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
बस्तर पंडुम 2026 के दौरान बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेश-भूषा, पारंपरिक आभूषण एवं वाद्य यंत्रों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ आंचलिक साहित्य, वन औषधि, पारंपरिक व्यंजन एवं पेय पदार्थों के मूल स्वरूप का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।
विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं जैसे लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, वाद्य यंत्र, हस्तशिल्प, वन औषधि और स्थानीय व्यंजनों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कलाकारों और प्रतिभागियों ने कहा कि बस्तर पंडुम लोकपरंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व की भावना को मजबूत करता है और ग्रामीण कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान करता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, छोटेडोंगर की सरपंच संध्या पवार, जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी एवं राकेश कावड़े, बेनूर की सरपंच रैनी मरकाम, डीएफओ, जनपद पंचायत सीईओ सुनील कुमार सोनपिपरे, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दिवान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
बस्तर पंडुम 2026 जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, लोकसंस्कृति के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय पहल के रूप में उभरकर सामने आया।