पर्यावरण रक्षा की मुहिम: देवगढ़ वन विभाग ने महिलाओं को दी सूखी लकड़ी उपयोग करने की समझाइश, अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई
कोरिया जिले के देवगढ़ वन क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। कैलाशपुर सर्कल में महिलाओं को सूखी लकड़ी के उपयोग की समझाइश दी गई, वहीं अवैध कच्ची लकड़ी कटाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर कोरिया/देवगढ़ | वनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर देवगढ़ वन विभाग द्वारा इन दिनों सख्ती और समझाइश की दोहरी नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता के मार्गदर्शन में कैलाशपुर सर्कल क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को वनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने महिलाओं को स्पष्ट रूप से समझाइश दी कि वे जंगल से कच्ची यानी हरी लकड़ी काटने से बचें। उन्हें बताया गया कि खाना पकाने एवं दैनिक आवश्यकताओं के लिए केवल जंगल में गिरी-पड़ी सूखी लकड़ियों का ही उपयोग करें। हरी टहनियों अथवा पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है और यह वन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है।
जागरूकता के साथ-साथ वन विभाग ने अवैध गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कच्ची लकड़ी काटने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की है। सूचना मिलने पर वन कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कटाई में प्रयुक्त औजारों को जप्त किया तथा संबंधित व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी दी। इस कार्रवाई का उद्देश्य अन्य लोगों को भी वनों को नुकसान न पहुंचाने का सख्त संदेश देना है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता के निर्देशानुसार वन विभाग का स्टाफ इस कार्य को केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि एक मिशन के रूप में निभा रहा है। जंगलों में सतत गश्त की जा रही है, ताकि अवैध कटाई और अतिक्रमण पर समय रहते रोक लगाई जा सके। साथ ही कर्मचारियों और ग्रामीणों को समय-समय पर प्रेरित कर जन-भागीदारी आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया जा रहा है।
रेंजर शैलेश गुप्ता ने कहा कि ग्रामीणों का जीवन वनों पर निर्भर है, इसलिए वनों की रक्षा की पहली जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों के मन में पेड़ों और जंगलों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना है।
देवगढ़ वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेष अपील की है कि वे केवल सूखी लकड़ियों का उपयोग करें, हरे पेड़ों को न काटें और जंगलों को सुरक्षित रखने में विभाग का सहयोग करें। क्योंकि “जंगल बचेगा, तभी भविष्य बचेगा।”