धान की अवैध खरीदी पर सख्ती: बालोद में किसानों के घर पहुंचकर भौतिक सत्यापन, कम धान पर कराया गया रकबा समर्पण

बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के लिए जांच दल द्वारा किसानों के घरों में भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। रकबे के अनुसार कम धान पाए जाने पर रकबा समर्पण कराया गया और संदिग्ध धान जब्त किया गया।

Jan 17, 2026 - 10:58
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धान की अवैध खरीदी पर सख्ती: बालोद में किसानों के घर पहुंचकर भौतिक सत्यापन, कम धान पर कराया गया रकबा समर्पण

UNITED NEWS OFA ASIA. परस साहू, बालोद | छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी एवं बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर  दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार गठित जांच दल के अधिकारियों द्वारा किसानों के घरों में पहुंचकर उनके पास उपलब्ध धान का नियमित भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के वास्तविक किसानों से उनके वास्तविक रकबे के आधार पर शत-प्रतिशत धान की खरीदी हो सके तथा कोचियों एवं व्यापारियों के माध्यम से अवैध धान खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

इसी क्रम में आज एसडीएम गुण्डरदेही  प्रतिमा ठाकरे झा, अतिरिक्त तहसीलदार  हेमंत पैकरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम सनौद, महुतबी एवं पुनारकसा में किसानों के घर पहुंचकर धान का भौतिक सत्यापन किया गया।

जांच दल द्वारा सत्यापन के दौरान यदि किसान के पास निर्धारित रकबे के अनुसार धान की मात्रा कम पाई गई, तो संबंधित किसानों को समझाइश देते हुए रकबा समर्पण की कार्रवाई कराई जा रही है।

इस दौरान धान खरीदी केंद्र चंदनबिहरी के कृषक  ओम प्रकाश भगत के घर में उपलब्ध 106 क्विंटल धान का भौतिक सत्यापन किया गया। वहीं ग्राम महुतबी में कृषक चुआराम तिवारी के घर सत्यापन के दौरान रकबे के अनुसार 40 क्विंटल धान कम पाया गया, जिस पर उन्हें 40 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।

इसके अतिरिक्त डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम पुनारकसा में सहायक अधीक्षक भू-अभिलेखअश्वनी पुसाम एवं जांच दल द्वारा की गई कार्रवाई में एक व्यापारी द्वारा लाए जा रहे 30 क्विंटल संदिग्ध धान को जब्त किया गया। जांच के दौरान यह धान व्यापारी  मुकेश जैन द्वारा पिकअप वाहन से खाली कराया जा रहा था, जिस पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी इस प्रकार की जांच एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।