पढ़ाई के साथ अनुभव का पाठ: घोटवानी शाला के बच्चों का शैक्षिक भ्रमण, रायपुर की सांस्कृतिक धरोहरों से हुआ साक्षात्कार

धमधा विकासखंड की शासकीय शाला घोटवानी के विद्यार्थियों ने रायपुर में संस्कृत आदिवासी भवन, जंगल सफारी और कौशल्या माता मंदिर का शैक्षिक भ्रमण किया, जिससे बच्चों को व्यावहारिक और सांस्कृतिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

Jan 17, 2026 - 10:54
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पढ़ाई के साथ अनुभव का पाठ: घोटवानी शाला के बच्चों का शैक्षिक भ्रमण, रायपुर की सांस्कृतिक धरोहरों से हुआ साक्षात्कार

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत पाल धमधा | दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला घोटवानी के विद्यार्थियों के लिए हाल ही में एक प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। कक्षा तीसरी से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को नजदीक से देखा और समझा।

शैक्षिक भ्रमण की शुरुआत संस्कृत आदिवासी भवन से हुई। यहां बच्चों को छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय संस्कृति, परंपराएं, कला और जीवनशैली की जानकारी दी गई। भवन में प्रदर्शित जनजातीय वेशभूषा, पारंपरिक उपकरण, नृत्य-संगीत से जुड़े संसाधन और सांस्कृतिक धरोहरों को देखकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। इस अनुभव ने बच्चों के भीतर अपनी स्थानीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत किया।

इसके बाद विद्यार्थियों को जंगल सफारी ले जाया गया, जहां उन्होंने विभिन्न वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखा। जंगल सफारी में शेर, बाघ, हिरण सहित अन्य जीवों को देखकर बच्चों में रोमांच और जिज्ञासा साफ झलक रही थी। यह अनुभव पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के महत्व को समझाने में बेहद उपयोगी साबित हुआ।

भ्रमण के अंतिम चरण में बच्चों को ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले कौशल्या माता मंदिर ले जाया गया। यहां उन्हें छत्तीसगढ़ के इतिहास, प्राचीन संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी दी गई। यह स्थल बच्चों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का माध्यम बना।

इस अवसर पर शाला के प्रधान पाठक गिरधर सिंह राजपूत ने कहा कि “पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ शैक्षिक भ्रमण बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे उनकी देखने-समझने की क्षमता बढ़ती है और वे व्यवहारिक रूप से अधिक जागरूक बनते हैं।”

भ्रमण के दौरान शाला विकास समिति के अध्यक्ष खम्मन साहू, समस्त शिक्षकगण एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे और बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन तथा सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया।

पूरे भ्रमण के दौरान बच्चे कभी उत्साहित, कभी जिज्ञासु तो कभी आनंद से झूमते नजर आए। यह शैक्षिक यात्रा बच्चों के लिए न केवल यादगार अनुभव बनी, बल्कि सीखने का एक जीवंत और प्रभावशाली माध्यम भी साबित हुई।