UNI दफ्तर सील मामले पर सियासत तेज: महिला पत्रकारों से बदसलूकी को लेकर आप ने उठाए सवाल
रायपुर में आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने UNI दफ्तर सील किए जाने और महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी की घटना को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया और जांच की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (UNI) के दफ्तर को सील किए जाने और महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मिहिर कुर्मी ने अपने बयान में कहा कि UNI देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों में से एक है, और उसके दफ्तर को इस तरह सील करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल मीडिया संस्थानों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर भी सीधा प्रहार है।
उन्होंने विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह निंदनीय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कुर्मी ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों का व्यवहार अनुचित था और उन पर ड्यूटी के दौरान नशे में होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। साथ ही, कुछ वकीलों और पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
आप नेता ने कहा कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचता है।
मिहिर कुर्मी ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को दंडित करना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकार सुरक्षित वातावरण में अपना काम कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव है, और इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास देशहित में नहीं है। आप पार्टी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करती है।
यह मामला अब राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे।