अंबागढ़ चौकी में इंद्रशाह मंडावी का भाजपा सरकार पर हमला, सड़क, स्कूल और DMF खर्च को लेकर उठाए सवाल

अंबागढ़ चौकी में कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने जिले की बदहाल सड़कों, जर्जर स्कूल भवनों और DMF राशि के इस्तेमाल को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के 50 से अधिक स्कूलों की स्थिति खराब है, जबकि ओपन जिम और वर्चुअल क्लास जैसी योजनाओं पर राशि खर्च की गई। मंडावी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-930, मोहला की नगर सड़कों और राजनांदगांव-मानपुर मार्ग की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाने की तैयारियों को लेकर भी उन्होंने सरकारी प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।

Sep 14, 2026 - 19:07
 0  4
अंबागढ़ चौकी में इंद्रशाह मंडावी का भाजपा सरकार पर हमला, सड़क, स्कूल और DMF खर्च को लेकर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, अंबागढ़ चौकी l कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने जिले में सड़क, शिक्षा और जिला खनिज न्यास यानी DMF की राशि के इस्तेमाल को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अब भी बने हुए हैं, जबकि सरकारी राशि का उपयोग ऐसी योजनाओं में किया जा रहा है, जिनकी प्राथमिकता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सड़क, सुरक्षित स्कूल भवन, पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है।

विधायक ने मानपुर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-930 की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे और दरारें दिखाई देती हैं। इसके अलावा जिला मुख्यालय मोहला की नगर सड़कों की स्थिति को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। राजनांदगांव से मानपुर तक निर्माणाधीन स्टेट हाईवे की धीमी गति और सड़क की स्थिति पर भी विधायक ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इन समस्याओं के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंडावी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में क्षेत्र को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार उन सड़कों के रखरखाव और आवश्यक सुधार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार से क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की स्थिति सुधारने और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति देने की मांग की।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर विधायक ने जिले के 50 से अधिक स्कूल भवनों के जर्जर होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बच्चों को किराए के भवनों, पेड़ की छांव, रंगमंच या सीमित स्थानों में पढ़ाई करने की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से मानपुर के वनांचल क्षेत्र में स्कूल भवनों की स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर उन्होंने चिंता जताई। विधायक ने कहा कि ऐसे स्कूलों में सबसे पहले भवन, शिक्षक और जरूरी शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था होनी चाहिए।

DMF राशि के उपयोग पर सवाल उठाते हुए मंडावी ने कहा कि कुछ स्कूलों में वर्चुअल क्लास और ओपन जिम स्थापित किए गए हैं। उनके अनुसार कौड़िकसा, गोटाटोला, दनगढ़ और भरीटोला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में करीब 25-25 लाख रुपये की लागत से वर्चुअल कक्षाएं स्थापित की गई हैं। विधायक का आरोप है कि विषय विशेषज्ञ और तकनीकी सहायता की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण इन सुविधाओं की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने शेरपार, हथरा, ईरागांव, कोसमी, भावसा, कुम्हारी और खड़गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में ओपन जिम के लिए भी राशि खर्च किए जाने का मुद्दा उठाया। विधायक के अनुसार प्रत्येक स्कूल में करीब 11.30 लाख रुपये की लागत से ओपन जिम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कई स्कूलों में भवन और अन्य मूलभूत जरूरतें अधूरी हैं, तब विकास की प्राथमिकताएं किस आधार पर तय की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प पखवाड़े के तहत दीये जलाने की तैयारियों को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाया। उनके अनुसार जिले में करीब 1.20 लाख दीये जलाने के लिए पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अनुमान के आधार पर कहा कि इसमें तेल और दीयों पर लाखों रुपये का खर्च हो सकता है। मंडावी ने सवाल किया कि ऐसी राशि का उपयोग गांवों की सड़क, नाली, स्कूल, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाना अधिक जरूरी है।

विधायक ने कहा कि जहां सड़कें खराब हैं, स्कूल भवन जर्जर हैं और शिक्षकों की कमी है, वहां सरकार को विकास की प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को प्रचार और दिखावे के बजाय बेहतर सड़क, सुरक्षित स्कूल, पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाएं चाहिए। मंडावी ने सरकारी राशि के पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग पर जोर देते हुए विकास कार्यों को वास्तविक जन जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता देने की मांग की।