खाद संकट पर कांग्रेस का हमला, दीपक बैज बोले- किसान परेशान, सरकार जवाब दे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में खाद और बीज की कमी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बावजूद किसान खाद संकट, कालाबाजारी और महंगे दामों की समस्या से जूझ रहे हैं तथा सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान में विफल रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश के किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार पर्याप्त उपलब्धता के दावे कर रही है। कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि खाद की कमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बोनी और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में किसान खाद और बीज की कमी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार समस्या के समाधान के बजाय केवल दावे कर रही है। उनके अनुसार खेती का महत्वपूर्ण समय बीत रहा है, जबकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के चलते कथित रूप से खाद और बीज की कालाबाजारी बढ़ी है तथा नकली और अमानक गुणवत्ता वाले उत्पाद भी बाजार में बिक रहे हैं, जिससे किसानों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध नहीं है, तो निजी दुकानों में यह सामग्री ऊंचे दामों पर कैसे उपलब्ध हो रही है। उन्होंने नकली खाद और बीज की कथित बिक्री की जांच कराने तथा किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
प्रेस विज्ञप्ति में दीपक बैज ने सरकार के खाद वितरण संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य की तुलना में किसानों को काफी कम मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी और यूरिया का वितरण किसानों की मांग के अनुरूप नहीं हुआ है और खाद वितरण व्यवस्था में बार-बार बदलाव किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी और दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी, जिसे घटाकर एक-एक बोरी कर दिया गया है। इसके अलावा सहकारी समितियों से खाद वितरण और ऋण व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि गोठान व्यवस्था बंद होने से गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट जैसे वैकल्पिक जैविक खाद की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।