कोंटा अस्पताल भवन में 78 लाख के जीर्णोद्धार पर भ्रष्टाचार के आरोप, AAP ने की जांच की मांग

सुकमा जिले के कोंटा अस्पताल भवन में 78 लाख रुपये के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आम आदमी पार्टी ने निरीक्षण के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Mar 26, 2026 - 19:50
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कोंटा अस्पताल भवन में 78 लाख के जीर्णोद्धार पर भ्रष्टाचार के आरोप, AAP ने की जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर | कोंटा (सुकमा)। सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में स्थित अस्पताल भवन के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। लगभग 78 लाख रुपये की लागत से किए गए इस निर्माण कार्य को लेकर आम आदमी पार्टी की टीम ने निरीक्षण के बाद कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

निरीक्षण के दौरान पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरेश कवासी, कोंटा ब्लॉक अध्यक्ष शेख मीर, सुकमा ब्लॉक अध्यक्ष शेख अब्दुल बसीर, राम ठाकुर और यूथ विंग के शेख हसनेन रजा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल भवन का निर्माण पुराने और जर्जर ढांचे के ऊपर ही किया गया है, जो न केवल तकनीकी मानकों के विरुद्ध है बल्कि बेहद खतरनाक भी है। इस प्रकार का निर्माण मरीजों, अस्पताल कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

पार्टी नेताओं का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है और निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों ने अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन नहीं किया और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।

आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को जनहित से जुड़ा बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है और इसे किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

AAP ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—

  • पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
  • दोषी ठेकेदार और इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
  • निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर भवन की मजबूती सुनिश्चित की जाए
  • भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए

पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो |