भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य की उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की समीक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिए सख्त निर्देश

कवर्धा में 146 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा, लैंडस्केपिंग और संग्रहालय में भोरमदेव मंदिर के इतिहास को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

May 25, 2026 - 19:11
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भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य की उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की समीक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भोरमदेव में स्वदेश दर्शन योजना के तहत बन रहे 146 करोड़ रुपये के भव्य भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य की सोमवार को उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma ने गहन समीक्षा की। उन्होंने परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों के साथ विस्तृत बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।

बैठक में पर्यटन विभाग के एमडी विवेक आचार्य भी मौजूद रहे। समीक्षा से पहले उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पूरे प्रोजेक्ट क्षेत्र का भ्रमण कर मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, संग्रहालय, सरोवर और अन्य निर्माणाधीन स्थलों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, इसलिए निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाकर कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में परियोजना के विभिन्न हिस्सों जैसे मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पर्यटक सुविधाएं, लैंडस्केपिंग और सरोवर सौंदर्यीकरण के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर सोमवार नियमित प्रगति समीक्षा की जाए और अधिकारी लगातार फील्ड में उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी करें।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के प्रवेश द्वार, खंभों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की झलक स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक संस्कृति से जुड़ाव महसूस कर सकें। उन्होंने द्वार पर विशाल और आकर्षक नंदी प्रतिमा स्थापित करने के भी निर्देश दिए, जिससे परिसर का भव्य स्वरूप और प्रभावी दिखाई दे।

उप मुख्यमंत्री ने आदिवासी संग्रहालय के विकास और विस्तार पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में भोरमदेव मंदिर के इतिहास, पौराणिक कथाओं और मंदिर निर्माण की पूरी कहानी को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि पर्यटकों को क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की जानकारी मिल सके।

उन्होंने स्वच्छता और पर्यटक सुविधाओं को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महिला और पुरुष शौचालय अलग-अलग और सुविधाजनक स्थानों पर बनाए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए परियोजना क्षेत्र में लैंडस्केपिंग के अनुरूप पीपल, बरगद और नीम जैसे छायादार वृक्षों के पौधरोपण की तैयारी तत्काल शुरू करने को कहा गया।

बैठक में मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा डैम से जुड़े निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोरमदेव क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।