PM Modi-Xi Jinping Meeting: मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक खत्म, साझा विकास और BRICS सहयोग पर जोर
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। जिनपिंग ने भारत-चीन सहयोग और साझा विकास पर जोर दिया, जबकि पीएम मोदी ने BRICS अध्यक्षता में चीन के सहयोग के लिए आभार जताया। चीन 2027 में 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शनिवार को अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों की ओर से संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने भारत और चीन के बीच साझा विकास की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ‘ग्रेटर BRICS सहयोग’ के तहत उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए। जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे की ताकत और खूबियों से सीख सकते हैं और इससे दोनों देशों के लिए साझा विकास के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सकारात्मक सहयोग का माहौल बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के सकारात्मक रुख और सहयोग के लिए शी जिनपिंग का आभार जताया। पीएम मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन की ओर से मिले समर्थन की सराहना की। उन्होंने शी जिनपिंग का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के पास अब द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर है।
भारत और चीन के संबंधों के साथ-साथ BRICS के भीतर सहयोग भी बैठक का अहम विषय रहा। शी जिनपिंग ने BRICS को उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया। उनके मुताबिक, करीब दो दशकों में BRICS सहयोग तंत्र तेजी से विकसित हुआ है और अब यह विकासशील देशों के बीच सहयोग के प्रभावशाली मंचों में शामिल है। उन्होंने राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास, आत्मनिर्भरता और सदस्य देशों के बीच एकजुटता को BRICS की प्रमुख ताकत बताया।
मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर भी शी जिनपिंग ने BRICS देशों की भूमिका पर जोर दिया। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध साझा हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने BRICS देशों से शांति और स्थिरता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग मजबूत करने का आग्रह किया। इस बयान को BRICS के भीतर वैश्विक संघर्षों पर सामूहिक रुख मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान भविष्य में BRICS की दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के मुताबिक, शी जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन 2027 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। चीन ने अपनी प्रस्तावित अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों के बीच आम सहमति को मजबूत करने और भविष्य की योजनाओं पर मिलकर काम करने पर जोर देने की बात कही है।
मोदी-जिनपिंग की बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश पर जोर दिया जा रहा है। सीमा और व्यापार जैसे मुद्दों के बीच शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं BRICS के विस्तार और वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए भारत और चीन के बीच समन्वय का असर संगठन की भविष्य की दिशा पर भी पड़ सकता है।