Morning News Brief: ईरान युद्ध खत्म होते ही गिर सकता है कच्चे तेल का भाव? मोदी-जिनपिंग की 50 मिनट बैठक से BRICS घोषणा तक बड़ी खबरें
12 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरों में ईरान युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की करीब 50 मिनट की बैठक और BRICS की नई दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रमुख रही। इसके अलावा पाकिस्तान की BRICS सदस्यता की कोशिश, IRCTC का रिकॉर्ड टिकट बुकिंग, मनोज जरांगे का आंदोलन और भारत-चीन हवाई संपर्क बहाली से जुड़ी खबरें भी चर्चा में रहीं।
UNITED NEWS OF ASIA. 12 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति, कच्चे तेल की कीमत, BRICS Summit 2026 और भारत-चीन संबंधों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं चर्चा में रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के जल्द खत्म होने की संभावना जताते हुए कहा कि इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप के इस बयान को तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, कच्चे तेल की वास्तविक कीमतों पर युद्ध की स्थिति और वैश्विक आपूर्ति समेत कई कारकों का असर रहेगा।
नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। गलवान टकराव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकात बताई गई। बैठक में भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, आपसी विश्वास मजबूत करने और संवाद को जारी रखने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के रिश्तों में हाल के समय में सुधार के संकेतों के बीच इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS Summit 2026 के समापन सत्र में नई दिल्ली घोषणा को सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा का मसौदा सदस्य देशों के सामने रखा और सहमति मांगी। किसी सदस्य देश की ओर से आपत्ति नहीं आने के बाद इसे स्वीकार कर लिया गया। वैश्विक संघर्ष, व्यापार, विकास और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर BRICS देशों की संयुक्त स्थिति को इस घोषणा में शामिल किया गया है।
BRICS की सदस्यता को लेकर पाकिस्तान की कोशिश भी चर्चा में रही। पाकिस्तान ने समूह की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, लेकिन उसकी सदस्यता पर अभी सहमति नहीं बनी है। BRICS में नए सदस्यों को शामिल करने के लिए आम सहमति की आवश्यकता होती है। ऐसे में पाकिस्तान की सदस्यता को लेकर भारत समेत मौजूदा सदस्य देशों का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस विषय पर सामने आए दावों को लेकर अंतिम आधिकारिक स्थिति संबंधित BRICS प्रक्रिया और सदस्य देशों के निर्णय से स्पष्ट होगी।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे ने 19 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उनका यह आंदोलन गणपति उत्सव के दौरान प्रस्तावित है। वहीं यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सेना के बीच तनाव की खबरों के बीच मोखा क्षेत्र भी चर्चा में रहा। रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब ने हूतियों के कब्जे वाले मोखा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हवाई हमला किया, जबकि ईरान ने नाकाबंदी समाप्त करने और बातचीत शुरू करने की अपील की।
भारत-चीन संबंधों में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम हवाई संपर्क बहाली से जुड़ा रहा। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से छह साल बाद ग्वांगझू-नई दिल्ली के बीच नियमित यात्री उड़ान सेवा फिर शुरू करने की घोषणा की है। दूसरी ओर, BRICS सम्मेलन को लेकर अमेरिका और यूरोप के मीडिया में भी चर्चा बनी रही। बांग्लादेश की ओर से BRICS निमंत्रण को लेकर प्रतिक्रिया और भारत के साथ पुराने समझौतों की समीक्षा की खबरें भी सामने आईं।
घरेलू स्तर पर IRCTC ने 7 सितंबर को एक दिन में 20,06,353 टिकट बुक होने का नया रिकॉर्ड बनाया। ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा 89 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मणिपुर और दार्जिलिंग का दौरा किया और भारत-अमेरिका संबंधों तथा आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कारोबार जगत में Fortune India की टॉप-100 अमीर उद्योगपतियों की सूची भी चर्चा में रही, जिसमें मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी की संपत्ति में कमी के बावजूद दोनों शीर्ष स्थानों पर बने रहे। इसके अलावा BRICS बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश दबाव या धौंस के सामने नहीं झुकेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।