दिल्ली में अवैध निर्माण पर MCD का बड़ा एक्शन, 2 दिनों में 67 संपत्तियां ध्वस्त और 9 सील
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ MCD की कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले दो दिनों में 67 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और 9 संपत्तियों को सील किया गया है। इससे पहले MCD ने 12 जोन में 35 इमारतें गिराई थीं। PG इमारतों और रिहायशी इलाकों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम की ओर से पिछले दो दिनों में बड़े पैमाने पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें 67 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 9 अन्य संपत्तियों को सील किया गया है। MCD की इस कार्रवाई का उद्देश्य भवन उपनियमों और दिल्ली के मास्टर प्लान का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई करना और संभावित हादसों को रोकना बताया जा रहा है।
नगर निगम ने सतबड़ी, सैनिक फार्म्स, भजनपुरा, शाहदरा, द्वारका, ककरोला, तिहाड़ गांव, राजौरी गार्डन एक्सटेंशन, पश्चिम विहार और जामिया नगर समेत कई इलाकों में प्रवर्तन कार्रवाई की है। 11 और 12 सितंबर को अभियान में तेजी लाई गई और कई संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण, सीलिंग तथा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की गई। MCD पहले ही रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण की पहचान के लिए व्यापक सर्वे कर चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, MCD ने रिहायशी इलाकों में कमर्शियल इस्तेमाल की पहचान के लिए करीब तीन महीने तक सर्वे अभियान चलाया था। इस दौरान 404 कॉलोनियों और 168 वार्डों में लगभग 3 लाख संपत्तियों का सर्वे किया गया। इसके अलावा इस सप्ताह नगर निगम ने 1,200 से ज्यादा पेइंग गेस्ट यानी PG इमारतों का भी सुरक्षा सर्वे किया। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे की गई इमारतों में कुछ को खतरनाक पाया गया, जबकि कई भवनों में मामूली या बड़े स्तर की मरम्मत की जरूरत बताई गई।
MCD ने G+4 मंजिल से ऊपर फ्रेम के सहारे बनाए गए 26 ढांचों की भी अलग से पहचान की थी। इन संरचनाओं को भविष्य में संभावित सुरक्षा जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है। PG सुविधाओं में रहने वाले लोगों की संख्या और भवनों की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है, ताकि भीड़भाड़, अनधिकृत निर्माण और भवन सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की पहचान की जा सके।
इससे पहले इसी सप्ताह MCD ने दिल्ली के 12 जोन में कार्रवाई करते हुए 35 इमारतों को गिराया था। इसके बाद शुक्रवार को मास्टर प्लान और भवन उपनियमों के उल्लंघन के मामले में 25 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और चार संपत्तियों को सील किया गया। इस तरह सत्य निकेतन हादसे के बाद नगर निगम की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।
MCD के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 3 सितंबर 2026 के बीच केवल साकेत और मालवीय नगर क्षेत्रों में 983 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, जबकि 464 संपत्तियों को सील किया गया। इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण को लेकर 1,516 और सीलिंग के लिए 708 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 726 ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए। नगर निगम की कार्रवाई से साफ है कि दिल्ली में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर प्रवर्तन अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।