सूरजपुर में बाल सुरक्षा और अधिकारों को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक, गुड टच-बैड टच समेत साइबर अपराध की दी जानकारी

सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में बाल सुरक्षा एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा की जानकारी दी गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया।

Sep 13, 2026 - 10:29
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सूरजपुर में बाल सुरक्षा और अधिकारों को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक, गुड टच-बैड टच समेत साइबर अपराध की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. सूरजपुर l छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी सरल भाषा में दी गई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया गया। संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों और विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों को समझाया गया। इसके अलावा बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को तत्काल इसकी जानकारी देना जरूरी है।

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी घटना की स्थिति में डर या सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने की जरूरत नहीं है। सहायता या शिकायत के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। बच्चों को उनकी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को बाल विवाह के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्परिणामों के बारे में बताया गया तथा अपने आसपास बाल विवाह की स्थिति सामने आने पर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना बच्चे को गोद लेना या देना कानूनन अपराध है। बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।

‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। उन्हें स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई। साइबर अपराध से बचाव के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को ओटीपी साझा नहीं करने, अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर सतर्क रहने, निजी फोटो साझा नहीं करने और सोशल मीडिया पर अजनबियों से सावधानी बरतने के बारे में बताया गया।

यातायात सुरक्षा को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। उन्हें कम उम्र में वाहन नहीं चलाने और बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की समझाइश दी गई। अभिभावकों को वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और पंजीयन दस्तावेज साथ रखने तथा हेलमेट का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी देते हुए संकटग्रस्त महिलाओं के लिए उपलब्ध सहायता और टोल फ्री नंबर 181 के बारे में बताया गया। महिला सशक्तिकरण हब की ओर से किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और समान अवसरों के महत्व के प्रति प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक राहुल अग्रवाल, प्राचार्य खुशबू सिंह, जेंडर विशेषज्ञ सलोनी कुजूर, चाइल्ड लाइन से प्रकाश राजवाड़े, सूरजपुर कोतवाली से सुमन पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।