भोरमदेव सरस मेला को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील, विजय शर्मा ने दिलाई स्वच्छता की शपथ
भोरमदेव सरस मेला और सावन मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों और स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त भोरमदेव का संकल्प भी दिलाया।
UNITED NEWS OF ASIA. पवित्र श्रावण माह में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध भोरमदेव सरस मेला और सावन मेले में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी दुकानदारों, शिविर संचालकों और श्रद्धालुओं से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन करने तथा भोरमदेव धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव धाम प्रदेश की आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग मिलकर सहयोग करें तो मेले के दौरान भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रखी जा सकती है और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाया जा सकता है।
विजय शर्मा ने विशेष रूप से प्लास्टिक के उपयोग से बचने पर जोर देते हुए कहा कि श्रद्धालु और व्यापारी कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करें। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करें तथा केवल निर्धारित कचरा पात्र और कचरा वाहनों में ही अपशिष्ट डालें। श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया गया कि वे घर से कपड़े का थैला और पानी की बोतल लेकर आएं तथा खुले स्थानों पर कचरा न फेंकें।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, मितानिनों और स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। सभी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कचरे का पृथक्करण करने तथा अपने गांव और भोरमदेव धाम को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी कबीरधाम जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने अपने परिवार, पड़ोसियों और गांव के अन्य लोगों को भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का विषय है। यदि प्रत्येक श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो भोरमदेव सरस मेला स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल आयोजन का उदाहरण बन सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का भी संदेश दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भोरमदेव धाम की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता सुरक्षित रह सके।