छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के अनुसार, अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आयोजन अलग-अलग राज्यों में प्रतिवर्ष किया जाता है। छत्तीसगढ़ इससे पहले वर्ष 2014 में भी इस प्रतिष्ठापूर्ण सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है। इस बार 32वें सम्मेलन के लिए नवा रायपुर अटल नगर को आयोजन स्थल बनाया गया है। सम्मेलन में देशभर से आने वाले राज्य निर्वाचन आयुक्त स्थानीय निकायों की चुनाव व्यवस्था और उससे जुड़े अनुभवों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में विशेष रूप से स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने और त्रिस्तरीय पंचायतों तथा नगरीय निकायों के चुनावों को अधिक पारदर्शी, समावेशी, विश्वसनीय और सहभागी बनाने से जुड़े विषयों पर मंथन किया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने, निर्वाचन व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श होने की जानकारी दी गई है।
कार्यक्रम में लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से जुड़े विशेषज्ञ सम्मेलन में चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से संबंधित विषयों पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा करेंगे। इससे स्थानीय निकायों के चुनावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को समझने का अवसर भी मिलेगा।
सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की तकनीक भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), बेंगलुरु के EVM विशेषज्ञ सम्मेलन में हिस्सा लेकर अपने संस्थानों की अद्यतन तकनीकी जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
EVM से संबंधित तकनीकी जानकारी के साथ चुनाव प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग, निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता और स्थानीय निकाय चुनावों को बेहतर तरीके से संचालित करने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों के अनुभव साझा होने से पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की व्यवस्थाओं से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर भी संवाद का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के निर्वाचन अधिकारी, चुनाव विशेषज्ञ और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे। स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने, चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं पर होने वाला विचार-विमर्श सम्मेलन के प्रमुख केंद्र में रहेगा।