बजट चर्चा के दौरान विधायक बोहरा ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना की मांग की। उन्होंने ग्राम बाजार चारभाठा और नगर पंचायत पांडातराई में आईटीआई खोलने का प्रस्ताव रखा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने सहकारिता विभाग के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में नई उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की मांग की। उन्होंने ग्राम बांगर, ढोठमानवापारा, मगरवाह सरइपतेराकला, पांडातराई के नयापारा वार्ड 2 तथा ग्राम मजगांव में नई दुकानों के संचालन की आवश्यकता बताई। साथ ही बहरमुड़ा, सेन्हाभाठा, बसनी, रेंगाबोड़, पटुआ, माकरी, दनियाखुर्द और नवागांवखुर्द में जर्जर दुकानों की मरम्मत कराने की मांग भी रखी।
वनांचल क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए विधायक बोहरा ने कुकदूर क्षेत्र में वन अग्नि नियंत्रण के लिए फायर वॉच टावर और फायर कंट्रोल सेंटर की स्थापना की मांग की। इसके अलावा उन्होंने भैंसाओदार प्राकृतिक स्थल को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, व्यू पॉइंट, ट्रैकिंग ट्रेल और पर्यटक कॉटेज विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक बोहरा ने वनांचल और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि कितने केंद्र अभी भी पक्के भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस पर विभागीय मंत्री द्वारा बताया गया कि जिले में कई आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी भी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है और इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने रेडी टू ईट योजना के संचालन को लेकर भी प्रश्न किया, जिस पर जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश के 6 जिलों में यह कार्य महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों में इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा विधायक बोहरा ने महिला एवं बाल तस्करी और बाल श्रम के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने पिछले दो वर्षों में रायपुर और दुर्ग जिलों में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े आंकड़ों और पुनर्वास कार्यों की जानकारी मांगी। विभागीय उत्तर में बताया गया कि सैकड़ों बच्चों को मुक्त कराकर उनके पुनर्वास के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को सदन में उठाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और वे आगे भी जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाती रहेंगी।