सोसायटियों में खाद संकट से किसान परेशान, सरकार पर झूठे दावों का आरोप: कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर खाद संकट को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सहकारी समितियों में किसानों को पर्याप्त डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि खाद की कमी से खरीफ सीजन प्रभावित हो रहा है और किसान महंगे दामों पर निजी स्रोतों से खाद खरीदने को मजबूर हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में खाद की कमी को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सहकारी समितियों में किसानों की जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं होने से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं और किसान परेशान हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसान खाद के लिए लगातार सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खाद की उपलब्धता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
कांग्रेस के अनुसार खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सहकारी समितियों में खाद वितरण का लक्ष्य 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक केवल 4 लाख 10 हजार मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ है। पार्टी का दावा है कि यह कुल लक्ष्य का लगभग 26 प्रतिशत ही है, जबकि 74 प्रतिशत लक्ष्य अभी शेष है। ऐसे में किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से बुआई और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कई स्थानों पर किसान पर्ची कटवाने और राशि जमा करने के बाद भी डीएपी खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास पर्याप्त खाद उपलब्ध है तो किसानों को वितरण क्यों नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि खेती का रकबा और किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके अनुरूप खाद की व्यवस्था नहीं की गई है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि खाद की कमी का फायदा उठाकर निजी बाजार में अधिक कीमत पर खाद बेची जा रही है। साथ ही नकली खाद, अमानक बीज और घटिया कीटनाशकों की बिक्री भी बढ़ रही है। पार्टी ने पलारी क्षेत्र के सुंदरावन में नकली खाद बेचने के मामले का उल्लेख करते हुए प्रशासन और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में कम मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है और कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल दावे कर रही है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए, किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक मिले और नकली खाद, अमानक बीज तथा घटिया कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।