गर्मी में स्कूल संचालन पर कांग्रेस का विरोध, 1 जुलाई तक स्कूल बंद रखने की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भीषण गर्मी के बीच स्कूल खोले जाने का विरोध करते हुए राज्य सरकार से 1 जुलाई तक स्कूल बंद रखने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि गर्मी के कारण बच्चों की तबीयत खराब हो रही है और स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है।

Jun 18, 2026 - 12:27
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गर्मी में स्कूल संचालन पर कांग्रेस का विरोध, 1 जुलाई तक स्कूल बंद रखने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच स्कूलों के संचालन को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस ने मांग की है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को 1 जुलाई तक बंद रखा जाए।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि 16 जून से स्कूल खोलने का निर्णय छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गर्मी के कारण कई स्थानों पर स्कूलों में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में तापमान अभी भी काफी अधिक है और ऐसे हालात में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

कांग्रेस का कहना है कि स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई विद्यार्थियों को गर्मी और उमस के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्टी ने दावा किया कि बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी मौजूदा मौसम परिस्थितियों में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक विद्यालयों में पर्याप्त पंखे, कूलर और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में स्कूलों का संचालन शुरू करना उचित नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस ने सुझाव दिया है कि मौसम सामान्य होने तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा सकती है। पार्टी का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान लंबे समय तक ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था संचालित की गई थी और उस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई थीं। ऐसे अनुभवों को देखते हुए अस्थायी रूप से ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था अपनाई जा सकती है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा विषय किसी भी प्रशासनिक निर्णय से अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को 1 जुलाई तक स्थगित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि सरकार अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेगी। पार्टी का मानना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है और इसके लिए परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया जाना चाहिए।