विकसित भारत जी-राम (VB-GRAM) ग्रामीण योजना-2025 पर दुर्ग संभाग में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित

दुर्ग संभाग में विकसित भारत जी-राम (VB-GRAM) ग्रामीण योजना-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें दुर्ग और बालोद जिले के जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत विकास योजना, डिजिटल तकनीक, संसाधन प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रशिक्षण दिया गया।

Aug 3, 2026 - 15:18
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विकसित भारत जी-राम (VB-GRAM) ग्रामीण योजना-2025 पर दुर्ग संभाग में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l विकसित भारत जी-राम (VB-GRAM) ग्रामीण योजना-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से दुर्ग संभाग में तीन दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 3, 4 और 5 अगस्त तक आयोजित हुई, जिसमें दुर्ग एवं बालोद जिले के जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर वैज्ञानिक, सहभागी और साक्ष्य आधारित विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायतों को बेहतर योजना निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाना रहा।

कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर एवं सहायक परियोजना अधिकारी जिला दुर्ग अरदीप ढीढ़ी और सहायक परियोजना अधिकारी जिला बालोद ओमप्रकाश साहू ने विकसित ग्राम पंचायत योजना के विभिन्न मॉड्यूल पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), गैप एनालिसिस, संसाधन मानचित्रण, जीआईएस तकनीक, पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म और आधारभूत संरचना की कमियों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

प्रशिक्षकों ने बताया कि विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना-2025 का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित योजना निर्माण के माध्यम से आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकासोन्मुख बनाना है। इसके अंतर्गत पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी।

कार्यशाला में ग्राम पंचायत विकास योजना, आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, सुशासन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही पंचायतों के सुचारू संचालन और योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विकसित ग्राम पंचायत योजना सहभागी योजना निर्माण, डिजिटल तकनीक के उपयोग और विभिन्न विभागीय योजनाओं के आपसी समन्वय पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यशाला में जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा, पाटन, गुरुर, गुंडरदेही, बालोद, डौंडी और डौंडी लोहारा सहित विभिन्न पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा और पंचायत स्तर पर बेहतर योजनाएं तैयार करने की दिशा में जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उपलब्ध संसाधनों के सही प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय के माध्यम से गांवों के विकास को गति देने के लिए प्रेरित किया गया।

विकसित भारत जी-राम ग्रामीण योजना-2025 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर आजीविका के अवसर और पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था स्थापित करना है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।