सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, 4 पदक जीतकर बढ़ाया मान
तेलंगाना में आयोजित सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने 4 पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। जूनियर और सब-जूनियर खिलाड़ियों ने सीनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के लिए गर्व और खुशी की खबर सामने आई है। संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका ने जानकारी देते हुए बताया कि सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक अपने नाम किए हैं। यह उपलब्धि राज्य के खेल जगत के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
तेलंगाना में 10 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित 32वीं सीनियर एनटीपीसी राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ की ओर से 36 तीरंदाज, कोच और मैनेजर भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के इंडियन राउंड वर्ग में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाते हुए पदकों की झड़ी लगा दी।
पहला पदक 30 मीटर स्पर्धा में विकास कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर हासिल किया। दूसरा पदक 50 मीटर स्पर्धा में चांदनी साहू ने सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ की झोली में डाला। तीसरा पदक बालिका टीम इवेंट में मिला, जहां छत्तीसगढ़ की टीम ने झारखंड को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं चौथा पदक ओलंपिक राउंड में विकास कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य को दिलाया।
कैलाश मुरारका ने बताया कि इन पदकों की सबसे खास बात यह है कि विकास कुमार और चांदनी साहू दोनों जूनियर एवं सब-जूनियर वर्ग के खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सीनियर वर्ग में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर माह में ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में आयोजित प्रतियोगिता और हाल ही में हुए नेशनल गेम्स में भी इन्हीं खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ के लिए कई पदक जीते थे। मुरारका ने विश्वास जताया कि आने वाली जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता, जो रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होने जा रही है, उसमें भी यही खिलाड़ी राज्य को गौरवान्वित करेंगे।
कैलाश मुरारका ने कहा कि टीम के रायपुर लौटने पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मेडल विजेताओं का सम्मान किया जाएगा। यह सफलता राज्य में खेल संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।