सावित्री जगत ने कहा कि राज्य के छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 में महिलाओं और बालिकाओं को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उन्हीं में से “रानी दुर्गावती योजना” प्रदेश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर प्रत्येक पात्र बालिका को ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस आर्थिक सहयोग से बालिकाएं उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार अथवा अपने भविष्य से जुड़े अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सक्षम बनेंगी। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के आत्मविश्वास, सामाजिक सम्मान और समान अवसरों को मजबूत करने वाली पहल है।
सावित्री जगत ने कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि राज्य सरकार बेटियों के भविष्य को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज भी कई परिवारों में बेटियों की शिक्षा और विकास को लेकर चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे में यह योजना न केवल परिवारों को आर्थिक सहारा देगी, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में संचालित “महतारी योजना” के बाद यह नई पहल बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम है। इससे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी नई ऊर्जा मिलेगी और बालिकाओं की पढ़ाई, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता को संस्थागत समर्थन प्राप्त होगा।
सावित्री जगत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लगातार महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। बजट 2026–27 सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक स्पष्ट संकल्प प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने का रोडमैप है। “रानी दुर्गावती योजना” के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि प्रदेश की बेटियां आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से समझौता न करें।
अंत में सावित्री जगत ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को इस ऐतिहासिक योजना के लिए बधाई देते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि “रानी दुर्गावती योजना” का व्यापक प्रचार-प्रसार समाज के अंतिम छोर तक किया जाएगा, ताकि हर पात्र बालिका तक इस योजना का लाभ समय पर पहुंच सके।