पेसा अधिनियम को और प्रभावी बनाने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ली समन्वय बैठक

रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पेसा अधिनियम को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वय हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सीमा निर्धारण, नियमों की जागरूकता अभियान, पंचायत निधि और ग्राम सभा कोष का उपयोग, एफआरए एवं पेसा नियमों की विसंगतियों का समाधान और पेसा ग्रामों में युवाओं के विकास में सहभागिता जैसी पहल पर चर्चा हुई। राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति और जिला स्तरीय निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।

Nov 15, 2025 - 11:12
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पेसा अधिनियम को और प्रभावी बनाने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ली समन्वय बैठक

पेसा अधिनियम के नियमों को अधिक प्रभावी बनाने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी विभागों से समन्वय हेतु ली बैठक

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज,  रायपुर | पेसा अधिनियम 1996, वन संसाधन अधिकार अधिनियम 2006 एवं सामुदायिक वन प्रबंधन में समन्वयन द्वारा पेसा अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाकर लागू करने हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में वर्ष 2022 में पेसा अधिनियम के तहत बनाये गए नियमों की समीक्षा की गई और इसे लागू करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

ग्राम सीमाओं का पारंपरिक तरीके से निर्धारण

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सीमा के निर्धारण एवं छोटे ग्रामों को वित्तीय अधिकार से सम्पन्न करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेसा ग्रामों के तहत निर्धारित मापदंडों में ग्रामों की पारंपरिक सीमा को शामिल किया जाए।

पेसा ग्रामों में विशेष जागरूकता अभियान

श्री शर्मा ने पेसा ग्रामों में नियमों के संबंध में लोगों को जागरूक करने हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए। नियद नेल्ला नार ग्रामों एवं पेसा विकासखंडों में 5-5 ग्रामों का चयन कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। समाजशास्त्र विश्वविद्यालयों के छात्रों की सहायता से ग्रामों की परंपराओं और पद्धतियों का डॉक्युमेंटेशन कराया जाएगा।

पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष का प्रयोग

उपमुख्यमंत्री ने पंचायत निधि और ग्राम सभा कोष के प्रयोग हेतु नियम बनाने और पेसा ग्रामों को अलग कार्यालय, खाता और कोष प्रदान करने के निर्देश दिए। पंचायत के संसाधनों के उपभोग, लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन एवं प्रबंधन के अधिकार ग्राम को प्रदान किए जाएंगे।

एफआरए एवं पेसा नियमों में विसंगतियों का समाधान

श्री शर्मा ने वनाधिकार अधिनियम एवं पेसा अधिनियम में बने नियमों की विसंगतियों को सुधारकर पेसा ग्रामों को अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए। पंचायत निर्णय का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए 'निर्णय ऐप' और 'सभागार ऐप' के प्रयोग की अनिवार्यता बताई।

राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति का समन्वय

पेसा अधिनियम के तहत विभिन्न विभागों के नियमों में संशय दूर करने हेतु राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति कार्य करेगी। जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाएगा।

वनांचल विज्ञान केंद्र और युवाओं की भागीदारी

उपमुख्यमंत्री ने पेसा ग्रामों में उत्पादित वनोपजों के प्रसंस्करण, संग्रहण, विपणन के आधुनिक तरीकों के संबंध में युवाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार देने हेतु वनांचल विज्ञान केंद्र को प्रभावी बनाने पर चर्चा की।
साथ ही 100 पेसा ग्रामों का चयन कर युवाओं को ग्राम विकास में सहभागी बनाने की प्रायोगिक परियोजना की जानकारी दी गई।

आत्मनिर्भर ग्राम की संकल्पना

श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण स्वयं अपने विकास में सहभागिता करेंगे। इस पहल में प्राथमिकता सुकमा, बीजापुर और अबूझमाड़ क्षेत्र को दी जाएगी।

बैठक में सचिव भीम सिंह, पीसीसीएफ व्ही श्रीनिवास राव, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती प्रियंका ऋचा महोबिया, अपर संचालक आदिम जाति कल्याण संजय गौर, संयुक्त संचालक पंचायत दिनेश अग्रवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।