स्लरी पाइपलाइन प्रभावितों को वार्ड क्र 10 में जमीन और 10 लाख मुआवजा देने पर जिला प्रशासन हुआ राज़ी
बचेली नगरपालिका वार्ड 8-9 में स्लरी पाइपलाइन परियोजना के कारण प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर प्रशासन और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा के बीच समन्वय स्थापित हुआ। वार्ड सभा में निर्णय लिया गया कि विस्थापित परिवारों को वार्ड क्रमांक 10 में पुनर्वास हेतु जमीन दी जाएगी और प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। टेली डैम क्षेत्र के प्रभावित 9 परिवारों को भी समान लाभ मिलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, बचेली/दंतेवाड़ा | बचेली नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत वार्ड क्र 8-9 में स्लरी पाइपलाइन परियोजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच समन्वय स्थापित हुआ। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य तूलिका कर्मा ने मोर्चा संभालते हुए अनुविभागीय अधिकारी के रवैये पर स्पष्ट किया कि यदि मांगों का न्यायसंगत समाधान नहीं किया गया, तो वे धरने पर बैठ जाएंगी। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के सामने उचित निर्णय देने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि 11 नवंबर 2025 को वार्ड क्रमांक 8 में स्लरी पाइपलाइन के दायरे में आने वाले 4 मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था, जिनमें 9 मकान रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में और 4 नजूल भूमि पर बने थे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और असंतोष का माहौल बन गया।
आज, 14 नवंबर 2025 को वार्ड क्रमांक 9 में प्रशासन की उपस्थिति में वार्ड सभा का आयोजन हुआ। तुलिका कर्मा और वार्ड पार्षद अप्पू कुंजाम के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विवेक चंद्रा ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया।
सभा में प्रमुख निर्णय और मांगें:
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विस्थापित परिवारों को वार्ड क्रमांक 10 में पुनर्वास हेतु भूमि आवंटित की जाएगी।
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प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
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टेली डैम क्षेत्र के प्रभावित 9 परिवारों को भी पुनर्वास और 10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
सभा में नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश प्रेमचंदानी, वन विभाग अधिकारी आशुतोष मांडवा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूजा साव, नगरपालिका अधिकारी पी.टी.एम. राव, वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद संजीव साव, मनोज साहा, एवं कांग्रेस पार्षदगण उपस्थित थे।
तूलिका कर्मा ने कहा कि गरीब एवं मूलनिवासी परिवारों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है। बिना उचित पुनर्वास के किसी भी प्रकार की कार्रवाई मानवता और नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने एनएमडीसी, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और वार्ड पार्षद अप्पू कुंजाम की मुख्य भूमिका के चलते प्रभावित परिवारों को राहत एवं पुनर्वास संबंधी निर्णय शीघ्र ही मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।