700 भवन-विहीन स्कूलों के लिए 123 करोड़, 150 मॉडल स्कूल और रायपुर यूनिटी मॉल के लिए 93 करोड़ – बजट 2026-27 में शिक्षा व ग्रामोद्योग को नई उड़ान

बजट 2026-27 में शिक्षा और ग्रामोद्योग को प्राथमिकता देते हुए 700 भवन-विहीन स्कूलों के लिए 123 करोड़, 150 मॉडल स्कूल, बस्तर अंचल में एजुकेशन सिटी और रायपुर में यूनिटी मॉल के लिए 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री गजेंद्र यादव ने इसे मानव संसाधन और कारीगरों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

Feb 25, 2026 - 16:16
Feb 25, 2026 - 16:19
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700 भवन-विहीन स्कूलों के लिए 123 करोड़, 150 मॉडल स्कूल और रायपुर यूनिटी मॉल के लिए 93 करोड़ – बजट 2026-27 में शिक्षा व ग्रामोद्योग को नई उड़ान

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा और ग्रामोद्योग को विकास की मुख्यधारा में रखते हुए दूरदर्शी और जनकल्याणकारी प्रावधान किए हैं। विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट प्रदेश की मानव पूंजी को सशक्त बनाने, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अवसर प्रदान करने और पारंपरिक कारीगरों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य समग्र विकास, सशक्त नागरिक और आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण है।

मॉडल स्कूलों से उत्कृष्ट शिक्षा की ओर बढ़ता प्रदेश

शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम-श्री योजना के अंतर्गत लगभग 350 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना” के प्रथम चरण में 150 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक एकीकृत परिसर वाले विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट कक्षाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जाएगा।

हर बच्चे को सुरक्षित भवन

राज्य में कोई भी स्कूल भवन-विहीन न रहे, इसके लिए बजट में 500 प्राथमिक, 100 मिडिल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण हेतु कुल 123 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच सुदृढ़ होगी और विद्यार्थियों को सुरक्षित अध्ययन वातावरण मिलेगा। साथ ही एनसीसी विद्यार्थियों के स्वल्पाहार की राशि दोगुनी करने का निर्णय भी युवाओं के मनोबल को बढ़ाएगा।

बस्तर में शिक्षा का नया अध्याय

दंतेवाड़ा के अनुभव के आधार पर अब दंतेवाड़ा मॉडल को आगे बढ़ाते हुए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन एजुकेशन सिटी में स्कूल, आईटीआई, छात्रावास और शिक्षक आवास सहित संपूर्ण शैक्षणिक इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर अंचल के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।

हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक मंच

ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत ढोकरा आर्ट, बांस कला और माटी कला से जुड़े परिवारों की आय बढ़ाने के लिए देश के पांच प्रमुख एयरपोर्ट पर शोरूम स्थापित किए जाएंगे। कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी के लिए वित्तीय सहयोग भी दिया जाएगा, ताकि उनके उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सके।

यूनिटी मॉल और ग्लेजिंग यूनिट

राज्य के हस्तशिल्प उत्पादों को स्थायी और आधुनिक विपणन मंच उपलब्ध कराने के लिए यूनिटी मॉल रायपुर के निर्माण हेतु 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त कुनकुरी के ग्राम गोरिया में 2.86 करोड़ रुपये की लागत से ग्लेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे माटी शिल्पकला को आधुनिक डिजाइन और बाजारोन्मुख स्वरूप मिलेगा।

मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बजट 2026-27 “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से नॉलेज हब तक” प्रदेश की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। शिक्षा, कौशल विकास और पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।