एसआईआर के तहत पंडरिया और कवर्धा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की बैठक, दावा-आपत्तियों की समीक्षा

कवर्धा जिले के पंडरिया और कवर्धा विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें दावा-आपत्तियों, बीएलओ की भूमिका और मतदाता सूची की विसंगतियों पर चर्चा की गई।

Jan 22, 2026 - 16:10
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एसआईआर के तहत पंडरिया और कवर्धा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की बैठक, दावा-आपत्तियों की समीक्षा

 UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71-पंडरिया एवं 72-कवर्धा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करना रहा।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित इस बैठक में मतदान केंद्रों पर नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एवं अभिहित अधिकारियों द्वारा प्राप्त की जा रही दावा-आपत्तियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अब तक प्राप्त दावा-आपत्तियों की साप्ताहिक स्थिति से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, ताकि वे समय रहते आवश्यक सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकें।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत नो-मैपिंग प्रकरण, तार्किक विसंगतियां तथा श्रेणी ‘ए’ एवं ‘बी’ के मतदाताओं से संबंधित जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची में नामों की जांच, पते की पुष्टि और पात्रता से जुड़े मामलों का निराकरण पूरी गंभीरता से किया जा रहा है, जिससे आगामी निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बन सके।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से आग्रह किया कि वे अपने-अपने मतदान केंद्र स्तर पर बीएलओ एवं अभिहित अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करें। यदि किसी मतदाता के नाम, पते या श्रेणी को लेकर कोई दावा या आपत्ति हो, तो उसे नियमानुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बीएलए द्वारा प्रस्तुत दावा-आपत्तियों को संबंधित बीएलओ अथवा अभिहित अधिकारी के समक्ष जमा किया जा सकता है, ताकि समय पर उनका परीक्षण और निराकरण किया जा सके। इस अवसर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप 9, 10, 11क एवं 11ख की प्रतियां भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे वे प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें और सही तरीके से आवेदन कर सकें।

प्रशासन ने दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र नामों को हटाना है। राजनीतिक दलों के सहयोग से यह प्रक्रिया और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनेगी, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।