बिना दस्तावेज अनाज भंडारण पर मंडी प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 4738 बोरी धान व अनाज जप्त

सहसपुर लोहारा के ग्राम रणवीरपुर स्थित जैन ट्रेडर्स एवं दाल मिल में मंडी प्रशासन ने औचक निरीक्षण कर बिना वैध दस्तावेज के भंडारित 4738 बोरी धान एवं अन्य अनाज जप्त किया। कार्रवाई छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत की गई।

Jan 22, 2026 - 16:22
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बिना दस्तावेज अनाज भंडारण पर मंडी प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 4738 बोरी धान व अनाज जप्त

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। जिले में अवैध अनाज भंडारण पर रोक लगाने के लिए मंडी प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम रणवीरपुर स्थित जैन ट्रेडर्स एवं दाल मिल में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान फर्म परिसर में भारी मात्रा में धान और अन्य अनाज का भंडारण पाया गया, जिसके संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

कलेक्टर  गोपाल वर्मा के निर्देश पर मंडी सचिव  भंडारी एवं मंडी इंस्पेक्टर  मनोज वैष्णव के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान कुल 4738 बोरी अनाज अवैध रूप से भंडारित पाया गया। जप्त अनाज में 4453 बोरी धान, 90 बोरी चना, 170 बोरी तुअर, 10 बोरी सोयाबीन तथा 15 बोरी गेहूं शामिल हैं।

निरीक्षण के समय फर्म प्रबंधन से अनाज भंडारण से संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई, लेकिन कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। मंडी प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 20/23 के अंतर्गत कार्रवाई की। मौके पर ही संपूर्ण अनाज जप्त करते हुए जप्ती प्रकरण दर्ज किया गया। साथ ही नियमानुसार पंचनामा एवं सूपूर्दनामा की कार्यवाही भी पूर्ण की गई।

इस कार्रवाई के दौरान लेखपाल  प्रहलाद सिंह ठाकुर एवं सहायक ग्रेड–2  अशोक गुप्ता भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि अवैध भंडारण न केवल किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समर्थन मूल्य व्यवस्था और मंडी प्रणाली की पारदर्शिता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी बिना पंजीयन, बिना वैध दस्तावेज अथवा नियमों के विरुद्ध अनाज भंडारण पाए जाने पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि उपज की खरीदी, भंडारण और परिवहन पूरी तरह नियमों के अनुसार हो, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

जिला प्रशासन ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे मंडी नियमों का पालन करें, अन्यथा भविष्य में और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।