केसली में जनसमस्याओं को लेकर धरना, किसानों के मुद्दों पर पूर्व मंत्री का प्रदर्शन

सागर जिले के केसली जनपद कार्यालय में पूर्व मंत्री के नेतृत्व में किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। गेहूं खरीदी, बिजली कटौती, पेयजल संकट और फसल बीमा जैसे मुद्दों पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

Apr 25, 2026 - 19:47
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केसली में जनसमस्याओं को लेकर धरना, किसानों के मुद्दों पर पूर्व मंत्री का प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश विश्वकर्मा,  केसली l मध्यप्रदेश के सागर जिले के केसली जनपद कार्यालय में जनसमस्याओं को लेकर एक बड़ा धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें किसानों और आम जनता की आवाज बुलंद की गई। देवरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व मंत्री द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पंजीकृत किसानों की पूरी फसल नहीं खरीदी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही सैटेलाइट सर्वे में गड़बड़ी और फसल बीमा में हो रहे कथित शोषण को भी गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया गया।

प्रदर्शन में पेयजल संकट को भी प्रमुखता से रखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी से लोग परेशान हैं, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा अघोषित बिजली कटौती और किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने की समस्या भी सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि किसानों को 5 हॉर्सपावर तक निशुल्क और निर्बाध बिजली दी जाए, ताकि वे अपने कृषि कार्य सुचारू रूप से कर सकें।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि उपार्जन केंद्रों पर तुलाई क्षमता बढ़ाई जाए और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई।

पूर्व मंत्री और प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन, भूख हड़ताल और व्यापक जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और आम जनता की बुनियादी सुविधाओं के लिए है, और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।

धरना प्रदर्शन के दौरान लोगों में भारी उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। यह आंदोलन न केवल स्थानीय मुद्दों को उजागर करने का माध्यम बना, बल्कि प्रशासन को चेताने का भी प्रयास रहा कि जनता अब अपनी समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेगी।

कुल मिलाकर, केसली में हुआ यह धरना प्रदर्शन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बढ़ती जनचेतना और संघर्ष की भावना का प्रतीक बनकर सामने आया है।