छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के विकास में अनियमित कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। संगठन का कहना है कि साय सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन इस अवधि में अनियमित कर्मचारियों के हित में कोई ठोस और स्थायी नीति सामने नहीं आई है।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थी, तब कई वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि अनियमित कर्मचारियों के मंच पर पहुंचे थे और उनकी समस्याओं को सुना था। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार बनने पर अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी “मोदी की गारंटी 2023” पत्र के अंतर्गत “वचनबद्ध सुशासन” के बिंदु क्रमांक 2 में एक समिति गठित कर उसमें अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए समीक्षा प्रक्रिया प्रारंभ करने का उल्लेख किया गया था। परंतु समिति गठन के आदेश में अनियमित कर्मचारियों के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
संगठन का आरोप है कि वादों के विपरीत वर्तमान समय में कई विभागों में अनियमित कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। अनेक विभागों में कर्मचारियों का वेतन लंबित है, जबकि कई स्थानों पर संविदा नियमों के अनुसार वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही पिछले आठ वर्षों से न्यूनतम वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई है और कई विभागों में श्रम सम्मान राशि भी अब तक नहीं दी गई है।
फेडरेशन ने कहा कि अनियमित कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी लगातार अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर आवेदन और ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं। कर्मचारियों को साय सरकार से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण प्रदेशभर के अनियमित कर्मचारी स्वयं को आहत और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि साय सरकार के नेतृत्व में प्रस्तुत तीसरे बजट में भी अनियमित कर्मचारियों के लिए किसी प्रकार की ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। फेडरेशन ने यह भी कहा कि अनियमित कर्मचारियों के हितों की रक्षा और नियमितीकरण, वेतन भुगतान, सामाजिक सुरक्षा तथा न्यूनतम वेतन वृद्धि जैसे मुद्दों पर सरकार को तत्काल ठोस निर्णय लेना चाहिए।
फेडरेशन ने अंत में कहा कि यदि सरकार द्वारा अनियमित कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो प्रदेशभर में व्यापक और लंबे संघर्ष के लिए सभी सहयोगी संगठनों एवं कर्मचारियों को तैयार रहने की अपील की जाती है।
संगठन ने यह बयान विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे बजट के संदर्भ में जारी करते हुए अनियमित कर्मचारियों के हित में शीघ्र ठोस नीति बनाने की मांग की है।