कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि यह पहल किसानों की सहकारिता में भागीदारी को मजबूत करने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने और क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अब तक बिना अंशधारी सदस्य बने भी हजारों किसान भोरमदेव शक्कर कारखाना को लगातार गन्ने की आपूर्ति कर रहे थे। उनके योगदान का सम्मान करते हुए 4,691 किसानों को शेयरधारक सदस्य बनाया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले पेराई सत्र में भोरमदेव शक्कर कारखाना में 2 लाख 55 हजार 818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। वर्तमान में कारखाना से लगभग 23 हजार अंशधारी सदस्य जुड़े हुए हैं। पेराई सत्र 2025-26 में गैर-अंशधारी किसानों से भी गन्ने की खरीदी की गई थी, जिसके बाद उन्हें सदस्यता प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
उप मुख्यमंत्री ने किसानों से इस वर्ष साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आपूर्ति का लक्ष्य पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक गन्ना उपलब्ध होने से कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को एफआरपी का समय पर भुगतान, बेहतर रिकवरी तथा भविष्य में अधिक लाभांश मिलने की संभावना मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना बोनस बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। विजय शर्मा ने किसानों से रासायनिक खेती के साथ-साथ जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है और कृषि उत्पादों की बाजार में बेहतर मांग रहती है। किसानों को जैविक उत्पादों के निर्यात संबंधी जानकारी देने के लिए 17, 18 और 19 जुलाई को कवर्धा विधायक कार्यालय में विशेषज्ञों द्वारा एनपीओपी प्रमाणन सहित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन करने, नए किसानों को अनुबंध खेती से जोड़ने और भोरमदेव शक्कर कारखाना को प्रदेश की अग्रणी सहकारी इकाई बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, राम कुमार भट्ट, सियाराम साहू, गणेश तिवारी, विदेशी राम धुर्वे, संतोष पटेल, भुवनेश्वर चंद्राकर, राम किंकर वर्मा, मनीराम साहू, राम कुमार मेरावी, लोकचंद साहू, कारखाना के प्रबंध संचालक जी.एस. शर्मा, महाप्रबंधक अंकित मरकाम, किसान संघों के प्रतिनिधि, अंशधारी सदस्य, कृषक तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।