शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी में छात्रों का प्रदर्शन, एनएसयूआई ने किया समर्थन

रायपुर के अंबेडकर चौक में 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे, पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने और हरिका राव के परिवार को न्याय व मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शन को एनएसयूआई का भी समर्थन मिला।

Jul 26, 2026 - 16:51
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शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी में छात्रों का प्रदर्शन, एनएसयूआई ने किया समर्थन

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12वीं बोर्ड के हिंदी विषय के कथित पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। रविवार को बड़ी संख्या में छात्र अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शन को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का समर्थन मिला, जिसके पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी छात्रों के साथ मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास शिक्षा व्यवस्था से उठता जा रहा है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ेगा।

छात्रों ने सरकार से मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाया जाए। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर मजबूत व्यवस्था लागू की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने री-नीट परीक्षा से जुड़ी घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाली हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं पूरे देश के छात्रों के लिए चिंता का विषय हैं और सरकार को प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। छात्रों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों, इसके लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए।

एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य के लिए मजबूत कानूनी एवं प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जाए।

छात्रों का कहना था कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और देश के विकास का आधार है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सरकार का ध्यान शिक्षा से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया और मांग की कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने।

रायपुर में हुए इस प्रदर्शन के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर बनी हुई है।