अमरकंटक-भोरमदेव 120 किमी कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन अलर्ट

श्रावण मास में अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक होने वाली 120 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

Jul 26, 2026 - 16:13
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अमरकंटक-भोरमदेव 120 किमी कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन अलर्ट

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक मानी जाने वाली अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक लगभग 120 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर वर्ष हजारों शिवभक्त अमरकंटक से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर पहुंचते हैं तथा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर विभिन्न विभागों के समन्वय से यात्रा मार्ग पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य या अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

यात्रा मार्ग पर पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया है। जिन हैंडपंपों में तकनीकी खराबी पाई गई थी, उनकी तत्काल मरम्मत कर उन्हें फिर से चालू कराया गया है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर पानी की गुणवत्ता बनाए रखने और पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। प्रशासन द्वारा जल स्रोतों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य पूरे किए जा रहे हैं ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यात्रा के दौरान जल उपलब्धता बनाए रखने के लिए विभागीय अमले को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि मार्ग एवं मंदिर परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को भी सतर्क रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान मिल सके। आयोजन समिति और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यात्रा के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास में भोरमदेव आने वाले प्रत्येक शिवभक्त की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं और यात्रा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य या सुरक्षा से संबंधित परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस वर्ष भी यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं के साथ एक सुखद और यादगार अनुभव प्राप्त हो।