उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से जिला अस्पताल कवर्धा ने रचा नया इतिहास, अक्टूबर में हुए 410 प्रसव

उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल कवर्धा ने अक्टूबर माह में 410 प्रसव कराकर स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। अस्पताल में 30 हजार से अधिक लोगों की जांचें की गईं, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जनविश्वास का प्रमाण है।

Nov 3, 2025 - 18:27
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से जिला अस्पताल कवर्धा ने रचा नया इतिहास, अक्टूबर में हुए 410 प्रसव

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निरंतर संवेदनशील नेतृत्व और प्रयासों के परिणामस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। अक्टूबर माह में अस्पताल में कुल 410 प्रसव संपन्न कराए गए, जिनमें 263 सामान्य प्रसव और 147 सर्जिकल डिलीवरी (एलएससीएस) शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जिसने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और भरोसे को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

 

इसी अवधि में 30,888 लोगों की रक्त जांच (ब्लड टेस्ट) की गई, जो यह दर्शाती है कि जिले के नागरिकों में अब सरकारी अस्पतालों की सेवाओं के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ी है। इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा स्टाफ के सामूहिक प्रयासों को जाता है, जिनका मार्गदर्शन उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्वयं किया है।

श्री विजय शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने सहित अनेक सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अस्पताल में नई चिकित्सा मशीनें, आधुनिक उपकरण, स्वच्छ वातावरण और सुलभ उपचार व्यवस्था से मरीजों को अब गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कबीरधाम जिला अस्पताल न केवल प्रदेश का, बल्कि देश का ‘मॉडल अस्पताल’ बने। इसके लिए चिकित्सा अधोसंरचना का विस्तार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य इकाइयों का उन्नयन किया जा रहा है। किसी भी मरीज को संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।”

उन्होंने चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, समर्पण और जनसेवा की भावना का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण उपचार समय पर मिल सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर माह में अस्पताल में ओपीडी 15,864, आईपीडी 1,265, एक्स-रे 1,268, सीटी स्कैन 210, एएनसी 1,393, दंत रोग 488, बाल रोग 1,748, मोतियाबिंद 72, हड्डी रोग 1,300, और नेत्र रोग 872 मरीजों का सफल इलाज किया गया। आपातकालीन सेवाओं में 1,628 मरीजों को तत्काल उपचार दिया गया।

इस उपलब्धि ने यह सिद्ध किया है कि जब नेतृत्व संवेदनशील, दिशा स्पष्ट और प्रबंधन सशक्त होता है, तब सरकारी अस्पताल भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों से कवर्धा जिला अस्पताल आज एक ऐसी स्वास्थ्य संस्था बन चुका है, जो न केवल चिकित्सा सेवाएँ दे रहा है, बल्कि जनविश्वास और जनसेवा का प्रतीक भी बन गया है।