भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत में कवर्धा की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी की रही अहम भूमिका, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी बधाई

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में कवर्धा की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में अहम भूमिका निभाई। टीम की फिटनेस और प्रदर्शन सुधार में उनके योगदान को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सराहा और उन्हें छत्तीसगढ़ का गौरव बताया।

Nov 3, 2025 - 18:18
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत में कवर्धा की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी की रही अहम भूमिका, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी बधाई

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। इस गौरवशाली क्षण में कवर्धा की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी की भी अहम भूमिका रही, जिन्होंने टीम की फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में इस ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने 52 रनों से जीत दर्ज की। यह जीत न केवल क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बनी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का क्षण रही। कवर्धा की आकांक्षा सत्यवंशी ने टीम के साथ रहते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस, रिहैबिलिटेशन और शारीरिक प्रदर्शन को सर्वोत्तम स्तर पर बनाए रखने में अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया।

 

राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आकांक्षा की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ की यह बेटी पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही है। खेल के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता, मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई है।” उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

आकांक्षा सत्यवंशी इससे पहले छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम और भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ भी कार्य कर चुकी हैं। खेल विज्ञान और फिजियोथेरेपी में गहरी जानकारी रखने वाली आकांक्षा ने खिलाड़ियों के रिकवरी से लेकर परफॉर्मेंस एन्हांसमेंट तक हर क्षेत्र में अपना योगदान दिया है। उनके प्रयासों ने टीम की मानसिक और शारीरिक मजबूती को नया आयाम दिया, जो विश्व कप जीत का एक प्रमुख आधार रहा।

स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों में आकांक्षा की इस उपलब्धि पर अपार हर्ष और गर्व की भावना है। कवर्धा में लोगों ने कहा कि आकांक्षा की यह सफलता यह साबित करती है कि समर्पण और मेहनत के बल पर छोटे शहरों से भी विश्वस्तरीय मंच पर पहुंचा जा सकता है।

खेल जगत के जानकारों के अनुसार, आकांक्षा का योगदान केवल टीम के शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके प्रोफेशनल दृष्टिकोण और आधुनिक खेल विज्ञान की समझ ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी और विजयी बनाया।

छत्तीसगढ़ सरकार और खेल विभाग ने भी आकांक्षा सत्यवंशी को राज्य की गौरवशाली उपलब्धि करार देते हुए उनके योगदान की सराहना की है। आकांक्षा की यह सफलता न केवल कवर्धा बल्कि पूरे प्रदेश की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो खेल के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का संकल्प रखती हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह स्वर्णिम सफलता केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि उनके पीछे काम करने वाले समर्पित विशेषज्ञों की भी जीत है — और उनमें कवर्धा की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का नाम सदैव स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा।