मनोज सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि इसी क्षेत्र में रायपुर की महापौर मीनल चौबे का निवास भी स्थित है, फिर भी उनके घर के आसपास बड़ी संख्या में सत्ता पक्ष के नेताओं और समर्थकों के फ्लेक्स और होर्डिंग्स लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के नियमों के अनुसार ‘नो फ्लेक्स जोन’ में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री या होर्डिंग्स लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि ऐसे क्षेत्र में खुलेआम फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं, तो यह स्पष्ट रूप से नियमों की अनदेखी और प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाता है।
मनोज सिंह ठाकुर ने तीखा हमला करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नियम केवल आम नागरिकों और विपक्षी दलों के लिए बनाए गए हैं, जबकि सत्ता पक्ष के लोगों पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि महापौर के निवास के आसपास ही यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो यह प्रशासनिक विफलता और सत्ता के अहंकार का स्पष्ट उदाहरण है।
कांग्रेस नेता ने नगर निगम प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या नगर निगम की कार्रवाई केवल रेहड़ी-पटरी वालों, छोटे दुकानदारों और छोटे विज्ञापनों तक ही सीमित है। यदि ऐसा नहीं है, तो फिर सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा लगाए गए बड़े-बड़े फ्लेक्स और होर्डिंग्स पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
मनोज सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि अवैध रूप से लगाए गए ये फ्लेक्स और होर्डिंग्स शहर की सुंदरता को प्रभावित कर रहे हैं। इसके साथ ही यह वाहन चालकों का ध्यान भटकाकर सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लगाए गए इन होर्डिंग्स से नगर निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि अगले 24 घंटे के भीतर इस पूरे क्षेत्र में लगे सभी अवैध फ्लेक्स और होर्डिंग्स को हटाया जाए। साथ ही जिन लोगों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में इन्हें लगाया है, उनके खिलाफ नियमानुसार जुर्माना और कार्रवाई की जाए।
मनोज सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है, तो कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दे को लेकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि शहर के नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए और किसी भी प्रकार का राजनीतिक पक्षपात स्वीकार्य नहीं होगा।