यह मामला थाना बचेली के अपराध क्रमांक 03/2024, धारा 302 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध था। घटना 14 जनवरी 2024 की रात की है, जब ग्राम आयतुपारा नेरली निवासी बुधरू तेलाम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की थी।
घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल दी गई थी। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में मामले की गहन विवेचना की गई।
जांच के दौरान पुलिस को यह अहम तथ्य मिला कि मृतक और आरोपी के बीच जमीन के मुआवजे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्राम नेरली स्थित संयुक्त खाते की भूमि का एक हिस्सा वर्ष 2023 में NMDC Limited द्वारा अधिग्रहित किया गया था। यह अधिग्रहण बैलाडिला से नगरनार क्षेत्र तक स्लरी पाइपलाइन, जल पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि भूमि अधिग्रहण के एवज में मिलने वाली मुआवजा राशि को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। आरोप है कि आरोपी राकेश तेलाम ने कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर अपने परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुआवजे की पहली किस्त अपने बैंक खाते में प्राप्त कर ली थी।
इस बात की जानकारी जब परिवार के अन्य सदस्यों को लगी, तो विवाद और गहरा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को आशंका थी कि इस मामले में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और आगे मिलने वाली मुआवजा राशि पर भी उसका दावा कमजोर हो जाएगा। इसी कारण उसने कथित रूप से अपने दादा बुधरू तेलाम की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की भूमिका स्पष्ट हुई। 02 मार्च 2026 को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, दंतेवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरे प्रकरण के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू, उप निरीक्षक रूपेश नारंग, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर, रामजी कुंवर, प्रधान आरक्षक मेहतु राम कोर्राम, संतोषी ध्रुव एवं आरक्षक हीरा कुमार रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह खुलासा न केवल एक जटिल अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सहायक रहा, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि संपत्ति और मुआवजा विवाद किस प्रकार गंभीर अपराध का कारण बन सकते हैं।